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Muzaffarnagar News: चाकू लेकर घूमता था विपुल, नाम पड़ा खूनी...नहीं मिली प्रधानी

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- अदालत ने लिखा, संगठित गिरोह चलाया...भाड़े पर की हत्याएं
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भभीसा के किसान पवन कुमार की हत्या के मुख्य आरोपी रहे विपुल खूनी के अपराधी इतिहास और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ का हवाला भी दिया। कुख्यात सुशील मूंछ के शॉर्प शूटर ने संगठित गिरोह चलाया। भाड़े पर हत्या की। खूनी पर कुल 39 केस में हत्या के ही छह मुकदमे दर्ज थे।
कांधला ब्लॉक का बीडीसी रहा। मां और पत्नी को प्रधानी का चुनाव लड़ाया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस बार भी वह चुनाव की तैयारी में जुटा था लेकिन मुठभेड़ में मारा गया। गांव में चाकू लेकर घूमने और झगड़ों के कारण नाम खूनी पड़ गया।
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अदालत ने लिखा कि विपुल खूनी की लंबी आपराधिक हिस्ट्री रही, जिनमें गैंगस्टर के ही चार मामले दर्ज किए गए थे। वह सुपारी किलर था और पवन की हत्या के आरोपी उसके लिए काम करते थे। बागपत में पिछले महीने 25 जुलाई को हुई मुठभेड़ का ब्योरा भी फैसले में दिया गया।
उधर, ग्रामीण बताते कि बीडीसी से विपुल ने राजनीति की शुरूआत की थी। कामयाबी मिली तो फिर प्रधानी का सपना देखा। मां और पत्नी को चुनाव लड़ाया लेकिन हार गया। इस बार खुद तैयारी कर रहा था लेकिन मुठभेड़ में मारा गया।
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फांसी पाने वाले किसी अपराधी पर कितने मुकदमे
- राजीव उर्फ छोटू : अपराधी पर कुल तीन मुकदमे हैं। इनमें हत्या, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट की प्राथमिकी कांधला थाने में दर्ज कराई गई थी।

- रामवीर : अपराधी रामवीर पर हत्या, जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के कुल तीन केस हैं। तीनों कांधला थाने पर दर्ज है।
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- राहुल उर्फ बोसी : विपुल खूनी गैंग के शूटर राहुल उर्फ बोसी पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, गंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट के मामले है। एक मामला बागपत के रमाला थाने में दर्ज हैं, जबकि अन्य कांधला थाने में दर्ज कराए गए थे।

- हरेंद्र : अभियुक्त पर 10 प्राथमिकी है। इनमें हत्या, जानलेवा हमला, आबकारी अधिनियम के मामले गढ़ीपुख्ता, कांधला और बाबरी थाने में दर्ज हैं।
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