संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से शहर में नई कॉलोनी के लिए जमीन लिये जाने के प्रस्ताव पर कई गांव के किसान विरोध में उतर आए। राज्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात कर किसानों ने किसी भी सूरत में भूमि ने देने की बात कही। इसके उपरांत राज्यमंत्री की पहल पर डीएम की ओर से किसानों का संशय दूर करते हुए वार्ता के लिए गांव में खुली बैठक बुलाए जाने का आश्वासन दिया।
आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से शहर से बाईपास के समीप नई कॉलोनी बसाने का खाका खींचा जा रहा है। परिषद की ओर से चिह्नित 280 हेक्टेयर भूमि के स्वामियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसका विरोध संबंधित किसान कर रहे हैं। शुक्रवार को सैकड़ों लोग राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल से उनके गांधी नगर स्थित आवास पर जाकर मिले। किसानों ने कहा कि अधिग्रहण के लिए शेरनगर, धंधेड़ा और बिलासपुर सहित सरवट, अलमासपुर और कूकड़ा के किसानों की भूमि भी चिन्हित की गई है। बताया कि दायरे में तीन नहीं बल्कि छह गांव के किसान आ रहे हैं।
इस पर राज्यमंत्री ने डीएम उमेश मिश्रा से वार्ता कर किसानों की समस्या का समाधान करने को कहा। उसके उपरांत सभी किसानों ने जिला पंचायत सभागार पहुंचकर डीएम को व्यथा सुनाई।
किसानों के अनुसार डीएम ने भूमि के जबरन अधिग्रहण से इंकार करते हुए आश्वस्त किया। बताया कि डीएम ने किसानों की सहमती से ही निर्णय लेने की बात कही। मनोज बालियान, प्रमोद राठी, सीता सैनी, मौसम अली, मनोज गुर्जर, तौसीफ चौधरी शामिल रहे।