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न झुके न डिगे, आंदोलन में पर अडिग रहे विजय सिंह

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मुजफ्फरनगर। शिव चौक पर धरना देते मास्टर विजय सिंह। 25 साल से धरने पर बैठे हैं मास्टर विजय सिंह। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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न झुके न डिगे, आंदोलन में पर अडिग रहे विजय सिंह
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मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार के खिलाफ शहर के शिवचौक पर धरने पर बैठे विजय सिंह के आंदोलन को 25 साल पूरे हो गए हैं। इस बीच उन पर हमले भी हुए। अफसरों ने डराकर उनका धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन वह न झुके और न डिगे अपने आंदोलन पर अडिग रहे।
शिवचौक पर धरना दे रहे विजय सिंह अपने धरने की रजत जयंती मना रहे हैं। शामली जिले के चौसाना गांव की चार हजार बीघा जमीन भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराने की मांग को लेकर वह 26 फरवरी 1996 को जिला कचहरी में वह धरने पर बैठे थे। इस बीच उन्हें धमकी मिली, हमले हुए, लेकिन न्याय नहीं मिला। वर्ष 2002 और 2004 में उन पर हमला हुआ। उन्होंने ट्रेजरी में घुसकर अपनी जान बचाई। वर्ष 2007 में उन्हें धमका कर धरना स्थल खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन वह बिना डरे आंदोलन पर अडिग रहे। वर्ष 2012 में तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने उन्हें जबरन धरने से उठाने का प्रयास किया, तो जनता के दबाव के चलते उन्हें पीछे हटना पड़ा। डीएम रहे अमृत अभिजात ने धरने से नहीं उठने पर जेल भेजने की धमकी दी, वे फिर भी डटे रहे। वर्तमान डीएम सेल्वा कुमारी जे ने 18 सितंबर 2019 को कचहरी से उनका धरना उठवा दिया और वह शिवचौक पर धरने पर बैठ गए। विजय सिंह कहते हैं कि 25 साल की लंबी लड़ाई के बाद भी उन्हें उम्मीद है कि जीत सत्य की ही होगी।
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जांच समितियों ने मांग को जायज माना
मुजफ्फरनगर। विजय सिंह के धरने के दौरान 25 साल में एसडीएम से लेकर कमिश्नर तक की जांच में मांग जायज मिली। कार्रवाई इतनी हुई कि 300 बीघा जमीन मुक्त कराई गई। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसडीएम शामली सुरेंद्र सिंह जांच कर चुके हैं। विजय सिंह की मांग सही पाई गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर फाइल दब गई।
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मैं गलत हूं तो फांसी दे दो
मुजफ्फरनगर। शिवचौक पर धरना दे रहे मास्टर विजय सिंह कहते हैं कि मैंने ग्राम समाज की चार हजार बीघा जमीन भू-माफिया के कब्जे से खाली करने की मांग उठाई है। मेरी मांग गलत है तो मुझे फांसी दे दो, नहीं तो मेरे साथ न्याय करो। मेरे जीवन का एक आश्रम यानि 25 साल धरने पर निकल गया, सभी दलों की सरकार आई, मुझे किसी ने न्याय नहीं दिया।
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