हैदरपुर वेटलैंड पर पहुंचे वन अफसर व पक्षी विशेषज्ञ।
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मुजफ्फरनगर। गंगा बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड का नजारा देखकर पक्षी विशेषज्ञ भी हैरत में पड़ गए। उन्हें यहां 234 प्रजातियों के विदेशी एवं स्थानीय पक्षी नजर आए। यह संख्या 250 तक पहुंचने की संभावना है। विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र को पक्षियों के लिए बेहद अनुकूल बताया है।
रविवार को बिग बर्ड-डे पर वन संरक्षक सहारनपुर वीके जैन, डीएफओ मुजफ्फरनगर सूरज, पक्षी विशेषज्ञ आशीष लोया, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के रिवर वेटलैंड एंड वाटर पॉलिसी डायरेक्टर सुरेश बाबू, दीपांकर घोष, वरिष्ठ समन्वयक अर्पित, संजीव यादव, समन्वयक शाहनवाज खान, फर्नांडिस मेरव्यन, रिंकिता, हर्षित की टीम हैदरपुर वेटलैंड पहुंची। उन्होंने दिन भर वहां मौजूद पक्षियों को देखा। उनकी प्रजातियों की गणना की। वन संरक्षक ने बताया कि वेटलैंड में विशेषज्ञों को 234 प्रजातियों के पक्षी दिखाई दिए हैं। यहां पर पक्षियों की करीब 250 प्रजातियां हैं। गत वर्ष इस क्षेत्र में करीब 227 प्रजातियां नजर आईं थी। वेटलैंड में बढ़ रही पक्षियों की प्रजातियों एवं उनकी संख्या से वन अफसरों एवं पक्षी विशेषज्ञों में खुशी की लहर है। इस क्षेत्र के विकास के लिए यह अच्छा संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र पक्षियों के लिए बेहद अनुकूल है और बायो डायविर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने योग्य है।
4.43 करोड़ का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित
हैदरपुर वेटलैंड को बायो डायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने के लिए जिला स्तर से भेजा गया 4.43 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित पड़ा है। नमामि गंगे के अंतर्गत इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। हैदरपुर वेटलैंड के विकास के लिए इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलना जरूरी है। यहां पर मौजूद पक्षियों की प्रजातियों, संख्या एवं लोकेशन के हिसाब से इस क्षेत्र के विकास की काफी संभावनाएं हैं।