मातृभूमि की सेवा और रक्षा का लें संकल्प
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी के साप्ताहिक यज्ञ एवं वैदिक ज्ञान सत्संग में संस्कृति की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आचार्य वासुदेव शास्त्री को सम्मानित किया गया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि राष्ट्र धर्म सबसे पहला धर्म है।
दयानंद मार्ग स्थित आर्य समाज नई मंडी में प्रात: वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। प्रवचन सत्र में आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि राष्ट्र धर्म सबके लिए समान होता है, जिसमें आध्यात्म, सदाचार, कर्तव्य, देशप्रेम में बंधकर विकास करते हैं। संस्कृति राष्ट्र की आत्मा होती है। मातृभूमि की सेवा और रक्षा पहला कर्तव्य है। महापुरुषों और शहीदों के त्याग, बलिदान को सदैव याद रखे। आचार्य वासुदेव शास्त्री ने कहा कि भारत की संस्कृति सनातन है। वेदों के ज्ञान, विज्ञान से ही सृष्टि संचालित है। वैदिक प्रचारक आरपी सिंह ने कहा कि देश बचना चाहते हैं, तो जातिवाद मिटाए। गजेंद्र सिंह राणा, मंगत सिंह आर्य, यशपाल सिंह , विमल आर्य, सतीश आर्य, पुष्पेंद्र आर्य, मंजू आर्य, वीरेंद्र आर्य, कर्ण सिंह आर्य, अतर सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।