वीडियो वायरल प्रकरण में जैन समाज का गुस्सा फूटने लगा है। युवती के अभी तक नहीं मिलने से आक्रोशित खतौली के लोगों ने बुधवार को चंडीगढ़ जाकर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि युवती जैन मुनि के कब्जे में हैं। दबाव डाल कर उससे मन मुताबिक बयान दिलाए जा रहे हैं। चंडीगढ़ गए सभी लोगों को जैन मुनि नयन सागर से नहीं मिलने दिया गया। हालांकि युवती के पिता को मुलाकात का मौका मिला। युवती के पिता ने जैन मुनि से सवाल किया कि उनकी बेटी कहां है, तो जैन मुनि ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम।
वहलना प्रवास के दौरान बनी जैन मुनि की वीडियो वायरल का मामला तूल पकड़ रहा है। खतौली निवासी युवती के अभी तक परिजनों को नहीं मिलने से भी आक्रोश है। हरिद्वार के बहादराबाद थाने में जैन मुनि के खिलाफ दर्ज अपहरण के मुकदमे में युवती के बयान के बाद मामला शांत होता दिखने लगा था, मगर ऐसा हो नहीं पाया। बुधवार को खतौली से युवती से पिता समेत चंडीगढ़ गए जैन समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि युवती जैन मुनि के कब्जे में हैं।
28 जुलाई को हरिद्वार के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में ट्यूटर युवती गायब हो गई थी, तब से परिजनों को नहीं मिली है। चंडीगढ़ के दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे लोगों को अंदर नहीं जाने दिया गया। मंदिर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को पुलिस बल तैनात मिला। जद्दोजहद के बाद 15 लोगों के प्रतिनिधिमंडल को जैन मुनि से मिलने दिया जाएगा, जिसमें युवती के पिता सुनील कुमार जैन और खतौली के पंकज जैन भी शामिल रहे। वीडियो के सच पर आरोप प्रत्यारोप लगे।
युवती के पिता सुनील कुमार जैन ने जब जैन मुनि नयन सागर से पूछा कि उनकी बेटी कहां है। उसके जवाब में जैन मुनि ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कहां है। ऐसा कहने पर युवती के पिता ने गहरी निराशा व्यक्त की। खतौली से गए प्रतिनिधिमंडल में सकल जैन समाज के अध्यक्ष सुशील जैन, पंकज जैन, नवीन जैन, राकेश जैन, संजीव जैन, विकास जैन, सुनील जैन, संजय जैन आदि शामिल रहे।
रजनीश का सीसीटीवी फुटेज के सच होने का दावा
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर के वीडियो वायरल मामले में आरोपों के घेरे में आए रजनीश जैन की ओर से जारी एक लिखित पत्र में दावा किया गया कि वहलना के सीसीटीवी फुटेज सच हैं। जैन समाज उचित विचार कर निर्णय ले। रजनीश जैन वहलना प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष भी हैं। उनके इस कथन पर चंडीगढ़ में भी बवाल मचा। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने साफ कह दिया कि रजनीश जैन पर खुद युवती के आरोप हैं, ऐसे में उनकी बात पर कोई विचार नहीं होगा।
खतौली की युवती ने अपने वीडियो बयान में कहा था कि जो हुआ, दबाव बना कर कराया गया। उसने मामले में अनुपम जैन और रजनीश का नाम भी सार्वजनिक किया था। हालांकि खतौली के ट्रेडिंग कारोबारी अनुपम जैन ने आरोप का खंडन किया। साथ ही कहा कि उन्हें जानबूझ कर फंसाया गया है। वीडियो क्लिप की चर्चा जुलाई के प्रथम सप्ताह से ही होने लगी थी।
बुधवार को वहलना प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष का जिम्मा निभा रहे रजनीश जैन की ओर से एक पत्र जारी हुआ, जिसमें कहा गया कि सकल जैन समाज भारत वर्षीय से निवेदन है कि श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना की जिस सीसीटीवी फुटेज पर सारा विवाद चल रहा है वह घटना एवं फुटेज एकदम सत्य है। जैन समाज उचित विचार कर निर्णय ले।
बुधवार को चंडीगढ़ गए जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने जब रजनीश जैन के पत्र का बैठक में हवाला दिया, तो पदाधिकारियों ने कहा कि उन पर युवती के आरोप हैं। ऐसे में उनकी किसी लिखित पत्र को कैसे सही मान लिया जाए। वहलना प्रबंध समिति यदि अपना पक्ष रखेगी तो तभी कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कोषाध्यक्ष का सोशल मीडिया पर पत्र आने के बाद वहलना प्रबंध समिति ने स्पष्ट किया कि जिसने जैसा किया, उसका परिणाम देर सवेरे सामने आ ही जाएगा।