अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी क्षेत्र के मांडला गांव में अवैध संबंधों का विरोध करने पर मजदूर साकर (36) की हत्या के मामले में मंगलवार को अदालत का फैसला आएगा। विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार सुनवाई करेंगे। साकर की पत्नी आसिया और उसके भाई सुहैल पर दोष सिद्ध हो चुका है।
मांडला गांव निवासी मजदूर साकर इसी साल छह जून को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। पुरकाजी थाने में भाई असलम ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने उसकी पत्नी आसिया और भाई सुहैल से शक के आधार पर पूछताछ की तो हत्या की वारदात खुली। 15 जून को दोनों ने गांव में ही निर्माणाधीन घर के गड्ढे से साकर का शव बरामद कराया।
जांच में सामने आया कि छह जून की रात को साकर ने देवर-भाभी को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर विरोध किया। दोनों ने मिलकर चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। एक अक्तूबर को दोनों आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ था।
nविधि विज्ञान प्रयोगशाला से साबित हुआ मामला : सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशीष त्यागी ने बताया कि साकर के शव पर मिट्टी लगी थी और गले में मिली चुनरी पर भी मिट्टी लगी थी। पुलिस ने मिट्टी को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। शव और चुन्नी पर लगी मिट्टी एक जगह की ही साबित हुई थी।