फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, फायरिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। आर्यपुरी में बनाए गए कोविड हॉस्पिटल सैनी हार्ट केयर पर मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। आरोप है कि परिजनों ने हिसाब पूछा तो चिकित्सक के भाई और स्टाफ ने तीमारदारों के साथ मारपीट करते हुए उन पर फायरिंग की। पुलिस ने पीड़ित परिवार के ही दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन

प्रकाश चौक निवासी एनके गुप्ता कोरोना पॉजिटिव होने के बाद 12 मई को सुबह साढे़ नौ बजे कोविड हॉस्सिटल सैनी हार्ट केयर में भर्ती हुए थे। हॉस्पिटल ने सात दिन का उपचार बताकर दो लाख एडवांस जमा किया था। एनके गुप्ता के पौत्र अर्चित का आरोप है कि दवा और जांच का पैसा दो लाख से अलग लिया गया। भर्ती के बाद से हमारी मरीज से बात भी नहीं कराई गई। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे कहा कि मरीज सीरियस है वेंटिलेटर पर ले जा रहे हैं, कागज भर दो।
तीन बजे फोन आया कि तुम्हारा मरीज नहीं रहा। अर्चित, मनोज गुप्ता ने हॉस्पिटल के काउंटर पर पहुंचकर कहा कि हमारे मरीज का क्या उपचार किया गया उसकी समरी दे दो और जो हमारा पैसा बचा है उसे वापस कर दो। स्टाफ ने कहा कि इलाज की समरी नहीं देंगे, बचा हुआ एक लाख 31 हजार दे सकते हैं। वह भी बॉडी के साथ मिलेगा। इस पर दोनों तरफ से बहस शुरू हो गई। आरोप है कि डॉ. देवेंद्र सैनी के भाई मनीष ने स्टॉफ के कुछ लोगों को साथ लेकर तीमारदारों के साथ मारपीट कर दी।
विज्ञापन

आरोप है कि हमलावरों ने इसी बीच दो फायर भी कर दिए। इससे हॉस्पिटल में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह, एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गीय, सीओ सिटी कुलदीप कुमार, पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। इससे पहले पुलिस कोई एक्शन लेती हॉस्पिटल स्टॉफ ने प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि हम लोग हड़ताल पर चले जाएंगे। यहां पर मरीजों का इलाज नहीं करेंगे।
हालात यह रहे कि सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने पीड़ित परिवार के दो लोगों को हिरासत में लेने के निर्देश देते हुए कोतवाली की गाड़ी में बैठा दिया। इसको लेकर भी हंगामा हो गया। जिस पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। पीड़ित परिवार इस मामले में शहर कोतवाली में तहरीर देने की तैयारी में है।
गोली चलने की जानकारी नहीं : गर्ग
कोविड हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एमएल गर्ग ने कहा कि यह बात सही है कि दो लाख जमा कराए थे। मरीज की आयु 85 साल थी और हार्ट का भी पेशेंट थे। स्टाफ महंगा होने के कारण हमें पैसा बढ़ाना पड़ा है। गोली चलाने की जानकारी मुझे नहीं है।
घटना की जांच की जा रही : एसपी सिटी
एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गी ने घटना को लेकर कहा कि पेशेंट की मौत के बाद हंगामा हुआ। फायरिंग का भी आरोप है। पुलिस जांच कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से जो तहरीर आएगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें