मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए पटल बदलने की तैयारी पटरी से उतर गई। सीएमएस कार्यालय पहुंचे एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार का स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घेराव किया। सुरक्षा गार्ड भी मौके पर पहुंचे। सीएमएस डॉ. संजय वर्मा ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन कर्मचारी नहीं माने।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया मौके पर पहुंचे और नाराज चिकित्सकों और कर्मचारियों को शांत किया। एसीएमओ को जिला चिकित्सालय से हटाते हुए वापस पुरानी जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार को सुबह 10 से 12 बजे तक जिला चिकित्सालय की व्यवस्था देखने के लिए नामित किया था। उन्होंने शिकायतों के आधार पर कुछ कर्मचारियों के कार्य क्षेत्र में परिवर्तन की सिफारिश कर दी।
शुक्रवार को एसीएमओ के सीएमएस कक्ष पहुंचते ही पैरामेडिकल स्टाफ ने हंगामा कर दिया। जिला चिकित्सालय स्टाफ को एकत्र करने के लिए दो बार आपातकालीन सायरन बजाया गया। व्हाट्सएप पर भी संदेश भेजे गए। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि एसीएमओ को कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन करने का अधिकार नहीं है।
ऑपरेशन थियेटर में कार्यरत कर्मचारी रामआसरे ने जबरदस्त हंगामा किया। उन्हें किसी तरह समझाकर बाहर भेजा गया।
सीएमओ डॉ.सुनील तेवतिया मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि जो भी व्यवस्था बनाई जा रही है उसका लाभ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीज को मिलेगा। सभी का उद्देश्य रोगियों को बेहतर उपचार दिलाना है। तय किया गया कि एसीएमओ अपने पुराने दायित्व पर ही रहेंगे।
सीएमएस कार्यालय में घेराव और हंगामे के बीच एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य मरीजों को असुविधा से बचाना है। वह किसी कर्मचारी का अहित नहीं चाह रहे थे।
इस मौके पर डॉ. विनीत कौशिक, डॉ. सुशांत सिंह, डॉ. विशाल, डॉ.नीरज, डॉ.फैसल, फार्मासिस्ट अनिल कुमार, हारून, संजीव लांबा शामिल रहे।
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वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.जावेद हुसैन संभालेंगे व्यवस्था
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि उनकी ओर से एसीएमओ डॉ.अशोक कुमार को जिला चिकित्सालय की जिम्मेदारियों से अलग करते हुए अन्य प्रशासनिक दायित्व निर्वहन के निर्देश जारी किए गए हैं। सीएमएस के ऑपरेशन थियेटर में जिम्मेदारी संभालने के दौरान चिकित्सालय की प्रशासनिक व्यवस्था वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. जावेद हुसैन संभालेंगे।
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जिला अस्पताल का गेट नंबर दो रहेगा बंद
सीएमओ ने बताया कि उनकी ओर से सीएमएस को साथ लेकर जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के जिला चिकित्सालय में प्रवेश पर अंकुश को लेकर रणनीति तय की गई। तय किया गया कि कुछ दिन के लिए गेट नंबर दो बंद रखा जाए। जबकि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड भी आवारा कुत्तों को खदेड़ेंगे।
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ये था मामला
सहारनपुर की सिराज कॉलोनी निवासी मजदूर इंतजार की पत्नी इरम अपने मायके शेरपुर गांव में आई हुई थी। तीन साल की बेटी मीरब की तबीयत खराब होने पर 14 जून को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां शाम के समय बिजली गुल होने के कारण वह बेटी को लेकर वार्ड से बाहर निकल गई। इस दौरान आवारा कुत्तों ने मीरब पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। मीरब को अब प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया है। प्रकरण के बाद अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर खींचतान चल रही है।