तौल बंद होने से किसानों का क्रय केंद्रों पर हंगामा
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। देवबंद मिल के करीब डेढ़ दर्जन क्रय केंद्रों पर दूसरे दिन तौल बंद होने से खफा किसानों ने हंगामा किया। सोमवार शाम को मिल प्रबंधन ने क्षेत्र में तौल लिपिकों की वैकल्पिक व्यवस्था कराकर कुछ केंद्रों पर तौल शुरू कराया। उधर, मिल अध्यासी एवं महाप्रबंधक गन्ना अनिल त्यागी ने हड़ताल पर गए लिपिकों के लाइसेंस निरस्त करने का पत्र जिला गन्ना अधिकारी को सौंपा। मिल ने नए लिपिकों के लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
देवबंद मिल के चरथावल, अकबरगढ़, न्यामू, बिरालसी, अलावलपुर, कुटेसरा, दहंचद आदि गांवों में डेढ़ दर्जन केंद्रों पर लिपिकों की हड़ताल के कारण तौल बंद है। चरथावल पूर्वी केंद्र पर किसान रविकांत, कमलकांत, अनुज त्यागी, अंकित आदि ने गन्ने से लदी बुग्गियां लेकर केंद्रों पर पहुंचे, तो दूसरे दिन तौल बंद होने से नाराजगी जताई। उन्होंने केंद्र पर बुग्गियां खड़ी कर हंगामा शुरू कर दिया। मिल के गन्ना महाप्रबंधक गन्ना अनिल त्यागी ने एजीएम विपिन त्यागी, जोनल अधिकारी अरुण गुर्जर और संजय त्यागी को दोपहर बाद नए तौल लिपिकों को लेकर चरथावल, दहचंद समेत करीब छह केंद्रों पर तौल शुरू कराया। उन्होंने बताया कि जिला गन्ना अधिकारी मुजफ्फरनगर एवं सहारनपुर कार्यालय से नए लिपिकों के लाइसेंस प्रक्रिया पूरी होने तक मिल अध्यासी द्वारा जारी अधिकृत पत्र पर तौल कराने की मंजूरी के लिए पत्र दिया है। हड़ताल पर गए 16 लिपिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद उनके लाइसेंस निरस्त करने का पत्र डीसीओ को सौंप दिया।
वर्जन
देवबंद मिल प्रबंधन ने सोमवार दोपहर बाद आधा दर्जन केंद्रों पर तौल शुरू करा दिया है। धरने पर बैठे क्लर्क तौल मशीन भी ले आए हैं। मिल अध्यासी और गन्ना महाप्रबंधक अनिल त्यागी की संस्तुति पर लिपिक आसिफ त्यागी, अमित कुमार, नीटू चौहान, अनुज त्यागी, राज कुमार, कंवरपाल, संवद्रि शर्मा, सुभाष, मोहित, अंकित, नरेश, आयुष, मौ. गुलफाम, सरताज अली, दुष्यंत और अजयपाल के लाइसेंस निरस्त करने का पत्र मिला है। इनमें मुजफ्फरनगर जनपद के 15 लिपिकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। मिल द्वारा दी गई सूची कें मुताबिक नए लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डॉ. आरडी द्विवेदी जिला गन्ना अधिकारी
एक समान वेतन दिलाने की मांग
चरथावल। देवबंद मिल से जुड़े चरथावल में तैनात लिपिकों ने ब्लॉक प्रांगण में धरना देकर दूसरे दिन तौल बंद रखा। उन्होंने एक समान वेतन 22 हजार रुपये वेतन दिलाने, गांव के नजदीक में ड्यूटी कराने, दुर्घटना में मृत्यु की दशा में परिवार के आश्रित को नौकरी और आर्थिक सहायता दिलाने सहित पांच मांग रखी है।