संशोधन बिल के विरोध में किया हंगामा
मुजफ्फरनगर। बैंकिंग अधिनियम संशोधन बिल और बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जा रहा। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने कहा कि निजीकरण से किसान-मजदूरों और आम लोगों को नुकसान होगा। बैंकों में सरकार नई भर्ती नहीं कर रही है। दूसरे दिन हड़ताल से करीब 300 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मचारी रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक की शाखा के बाहर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने निजीकरण और संशोधन बिल का विरोध किया। यूनियंस के अध्यक्ष आरपी शर्मा ने कहा कि सरकार को बैंकों के कर्मचारी और आमजन की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। निजीकरण का फैसला गलत है।
बैंककर्मी अशोक शर्मा और गौरव किशोर ने कहा कि निजीकरण से आमजन प्रभावित होगा, इसलिए सरकार को बिल वापस लेना चाहिए। पीएमसी बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक और यस बैंक के बंद होने पर जनता का जमा धन अभी तक नहीं मिल पाया है। यशवीर सिंह, रचित संगल, अभिलाष, सुधा, राजीव मलिक, राजीव जैन, तेजराज गुप्ता, प्रदीप मलिक, मुकेश भार्गव, बीके सूर्यवंशी, रविंद्र सिंह, डीके बंसल, आशीष भटनागर और शौकीन मौजूद रहे। उधर, एलडीएम राजेश तोमर ने बताया कि हड़ताल के दूसरे दिन तीन सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है। दोनों दिन में करीब छह सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
एटीएम खाली, भटकते रहे लोग
बैंकों की हड़ताल के दूसरे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शहर में कई बैंकों के एटीएम खाली हो गए। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग एक से दूसरे एटीएम पर घूमते रहे। उधर, खतौली और जानसठ में भी हड़ताल के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।