राजनीति से कोई भी मतलब नहीं
समिति के प्रवक्ता अमित मोलाहेडी ने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर महापंचायत की जा रही है। इसका राजनीति से कोई भी मतलब नहीं है। मुजफ्फरनगर और शामली के साथ ही बिजनौर व मेरठ से भारी संख्या में किसान इस महापंचायत में आएंगे। किसानों के मुद्दों पर चर्चा होगी और मांग उठाई जाएगी। महापंचायत में हिंद मजदूर किसान समिति के आधार और आध्यात्मिक किसान नेता चंद्रमोहन, गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र सिंह मलिक, किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह, त्यागी समाज के अध्यक्ष किसान नेता संजीव त्यागी आदि किसानों को संबोधित करेंगे।
भंडारा नहीं लगेगा
किसान महापंचायत में किसानों की भीड़ अपनी रोजी को लेकर बनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए इसको बचाने के लिए रोटी लेकर आए हैं। किसानों के लिए कहीं पर भी भंडारे की व्यवस्था नहीं की गयी है, केवल पानी का बंदोबस्त किया गया है।
मंच ही बनाया, पंडाल नहीं
जीआईसी के मैदान में किसान महापंचायत के लिए आयोजकों ने केवल मंच ही बनाया है, यहां पंडाल नहीं बनाया है। मंच पर ही अतिथि किसानों को संबोधित करेंगे। किसान खुले में ही मैदान में बैठेगे। इनके लिए बैठने के लिए दरी का इंतजाम किया है।
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ये रहेंगी मुख्य मांग
1.किसानों की खुशहाली के लिये गन्ने का रेट बढ़ाया जाना चाहिए और समय पर भुगतान की सुविधा हो।
2. मजदूरों व किसानों के लिये बिजली के रेट आधे हों।
3. आज उत्तर प्रदेश का किसान आवारा पशुओं की समस्या से त्रस्त है। आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या से फसल बर्बाद हो रही है। अत: इस समस्या का स्थायी समाधान हो।
4. किसान अपने जीवन में केवल एक बार ही ट्रैक्टर ले पाता है, अत: किसान के ट्रैक्टर पर प्रतिबंध न लगे, चाहे वो 50 साल पुराना हो।
5. किसान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न खरीदी जाये।
6. हाईकोर्ट की एक बैंच मेरठ में लाई जाए, जिससे किसानों को हाईकोर्ट से न्याय मिलने में आसानी हो।
7. देश में केवल विद्यार्थी के लिये पढ़ाई, दवाई एक समान व साधन सहित फ्री कराई जाए।
8. मजदूर को काम और काम का उचित समय पर दाम का अधिकार हो।
9. मजदूर वृद्ध को वृद्धा पेंशन दोगुनी मिले।