यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में एक बच्चे सहित परिवार के तीन सदस्यों में एचआईवी पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। रक्तदान के बाद खून की जांच में परिवार के एक सदस्य के पॉजिटिव पाए जाने पर मामला सामने आया। पत्नी और तीन वर्षीय बेटा भी जांच में संक्रमित पाए गए। वहीं एक अन्य एचआईवी पॉजिटिव दंपती के नवजात बच्चे की मौत हो गई। जिला अस्पताल में 2004 में एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी सेंटर की शुरुआत की गई थी। तब से जनपद में 3500 से अधिक एचआईवी पॉजिटिव मरीजों का पंजीकरण कर उपचार प्रारंभ किया जा चुका है।
पिछले दिनों एक शिविर में रक्तदान के बाद जांच की गई तो एक व्यक्ति का खून एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ित व्यक्ति सहित उसकी पत्नी और बच्चे की भी जांच कराई। इसमें तीनों पॉजिटिव पाए गए। परिवार में ये तीनों ही हैं। सभी का जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पर उपचार शुरू कराया गया।
संक्रमित माता-पिता के नवजात शिशु की मौत
मेडिकल कॉलेज मेरठ में संक्रमित माता-पिता के छह दिन के शिशु की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर में उपचाराधीन एचआईवी पॉजिटिव महिला को प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज मेरठ भेजा गया था। महिला ने एक शिशु को जन्म दिया था। जिसकी हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज की नर्सरी में भर्ती कराया गया।
करीब छह दिन उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। सूचना एआरटी सेंटर पर पहुंची तो मामले की जांच शुरू की गई। नवजात के पिता का कहना है कि चिकित्सकों के मुताबिक सांस की नली में दिक्कत के कारण मौत हुई।
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संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
जिला अस्पताल एआरटी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुजीबुर्रहमान का कहना है कि एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पॉजिटिव पाए जाने पर एआरटी सेंटर पर पंजीकरण कराकर उपचार कराना जरूरी है।