स्मैक तस्करी की दर्ज प्राथमिकी से नाम निकलवाने को लेकर चरथावल थाने की हिस्ट्रीशीटर संजीदा और तितावी थाने के सिपाही के ऑडियो से भूचाल मच गया। एसओ और एक अन्य सिपाही का नाम भी बातचीत में लिया गया। एसएसपी संजय वर्मा ने शुरुआती जांच के बाद एसओ पवन चौधरी, थाने की एसओजी टीम के सिपाही नवीन और अनीस को निलंबित कर दिया। एसपी देहात अक्षय संजय महादीक को विभागीय जांच सौंपी गई है।
रविवार को यह ऑडियो वायरल हुई। महिला हिस्ट्रीशीटर संजीदा और सिपाही के बीच प्राथमिकी से नाम निकालने को लेकर बातचीत की जा रही थी। इसके बाद महिला ने अपनी वीडियो भी जारी की, जिसमें काम नहीं होने पर रुपये वापस दिलाने की बात कही थी। एसएसपी ने ऑडियो का सच जानने के लिए सीओ फुगाना यतेंद्र नागर से जांच कराई। एसएसपी ने बताया कि रविवार को एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें महत्वपूर्ण तथ्य थे। थाना प्रभारी और दो सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
आरोप : दो लाख 85 हजार लिए...फिर भी दी दबिश
ऑडियो में महिला और सिपाही के बीच बात हो रही है। दोनों थाना प्रभारी का नाम लेकर रुपये के लेन-देन की बात कर रहे हैं। ऑडियो में एसओ का नाम भी लिया जा रहा है। कांस्टेबल नवीन और हेड कांस्टेबल अनीस का नाम भी लिया गया। महिला से बात करते हुए सिपाही थाना प्रभारी का नाम लेकर सिर्फ एक लाख 80 हजार रुपये की जानकारी होना कह रहा है। जबकि महिला कह रही है कि थाना प्रभारी को पूरे दो लाख 85 हजार रुपये की जानकारी है। मामले में नाम निकलने के लिए दो लाख 85 हजार रुपये दिए थे। पुलिस ने पैसे लेकर भी दबिश दे दी है।
इस मामले की ऑडियो हुई वायरल
सीओ फुगाना यतेंद्र नागर ने बताया कि 20 मार्च को दो बाइक सवार चार स्मैक तस्कर पुलिस ने घेर लिए थे। मेरठ के थाना जानी के सिवालखास निवासी रब्बान व बुढ़ाना के गांव जौला निवासी दानिश को 50 लाख रुपये की 270 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। उनके दो साथी बिलाल व जाबिर भाग गए थे। वह अभी पकड़े नहीं जा सके हैं। थाना प्रभारी व दोनों सिपाही को इस मामले में ऑडियो वायरल होने पर निलंबन किया गया है।
हिस्ट्रीशीटर संजीदा पर 10 मुकदमे
कुल्हेड़ी गांव की संजीदा पर 10 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या और जानलेवा हमले के भी मुकदमे हैं। सिपाही की ओर से लंबी बातचीत की गई। बुढ़ाना के युवक का नाम निकालने को लेकर बातचीत हुई थी।
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