मुजफ्फरनगर जनपद में सदर विधानसभा उप-चुनाव के दौरान दर्ज किए गए आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल समेत छह भाजपा नेता दोषमुक्त करार दिए गए हैं। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए कोर्ट) सिविल जज सीनियर डिवीजन के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने मामले की सुनवाई की।
शहर सीट पर साल 2016 में उप-चुनाव हुए थे। नई मंडी थाने पर तैनात एसआई बचन सिंह ने 10 फरवरी 2016 को मुकदमा दर्ज कराया कि वह जानसठ रोड पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान भाजयुमो नेता नीतिश मलिक ने अपने साथियों के साथ शहर में बिना अनुमति के बाइक रैली निकाली। रोकने पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए आरोपी आगे बढ़ गए थे।
एसआई ने आचार संहिता के उल्लंघन में तत्कालीन प्रत्याशी एवं वर्तमान में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, नीतिश मलिक, नितिन मलिक, विकास बिंदल, श्रीमोहन तायल और शाोभित गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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वहीं, प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए कोर्ट) सिविल जज सीनियर डिवीजन के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने की। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में भाजपा नेताओं को दोषमुक्त करार दिया है।
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