Muzaffarnagar News: शामली रोड पर 170 मीटर तक पर्दा लगाकर गलियारा बनाया गया। इसके एक तरफ कांवड़ यात्रा चल रही थी, तो दूसरी तरह जुलूस निकाला जा रहा था। गंगा-जमुनी तहजीब वाला बड़ा ही विहंगम दृश्य बन गया।
शहर का सबसे व्यस्त कांवड़ मार्ग भाईचारे की खुशबू से महक उठा। कांवड़ यात्रा के बीच शामली मार्ग से नवासा-ए-रसूल इमाम हुसैन के चेहल्लुम का मातमी जुलूस भी निकला। दोनों समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखते हुए 170 मीटर का गलियारा बनाया गया। पर्दे के एक तरफ मातमी जुलूस निकला और दूसरी तरफ भगवान भोलेनाथ की आस्था में चूर शिवभक्त हर-हर महादेव की गूंज के साथ शिवालयों की ओर बढ़ते रहे।
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मातम करते सोगवार।
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को चेहल्लुम के मौके पर नदीवाला प्रेमपुरी इमाम बारगाह में मजलिस का आयोजन किया गया। मौलाना अजादार हुसैन ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन और उनके जानशीनों ने कर्बला के मैदान में बेशुमार कुर्बानियां पेश कर अपने नाना के दीन को बचा लिया।
मजलिस के बाद जुलूस ए चेहल्लुम बरामद हुआ। जुलजुनाह (घोड़ा) की जियारत कर शिया सोगवार जार-जार रोए। जुलूस ठाकुरद्वारा, लोहिया बाजार, हनुमान चौक होता हुआ शामली रोड के रास्ते गोशाला रोड पर पहुंचा। वहां से काली नदी पार कर कर्बला में ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
कांवड़ यात्रा के चलते हनुमान चौक से गोशाला रोड तक सड़क के मध्य कपड़े के पर्दे से 170 मीटर लंबा कॉरिडोर बनाया गया था। जिसके एक ओर से मातमी जुलूस और दूसरी ओर से कांवड़ यात्रियों को निकाला गया।
यह बनाई गई थी व्यवस्था
अंजुमन दुआए जहरा के प्रवक्ता रौनक जैदी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर लोहिया बाजार से जुलूस घास मंडी को न जाकर हनुमान चौक के रास्ते गोशाला रोड की ओर बढ़ा। काली नदी पार कर कर्बला में ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
एहतियात के तौर पर कड़े इंतजाम
प्रशासन की ओर से यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी रहे। शहर कोतवाली, खालापार, नई मंडी थाने की पुलिस तैनात रही। एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, एसपी सिटी अमृत जैन मौजूद रहे।