नौ विधायकों के साथ जयंत चौधरी।
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रालोद के नौ विधायक हैं। इनमें रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। लेकिन अन्य विधायक भी अपनी दावेदारी में पीछे नहीं है। शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी, सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद और थानाभवन के विधायक अशरफ अली का नाम भी तेजी से चर्चा में आया है। देखने वाली बात यह होगी कि मंत्रालय की कुर्सी किसके हिस्से में आती है।
लखनऊ विधान सभा में बोलते शामली विधायक प्रसन्न चौधरी
मंत्रालय में जाट, दलित, मुस्लिम या गुर्जर
मंत्रालय के लिए शीर्ष नेतृत्व जातीय गुणाभाग करने में जुटा है। देखने वाली बात यह होगी कि सियासी समीकरण में जाट, मुस्लिम, गुर्जर या अनुसूचित जाति के विधायक में से किसे तरजीह दी जाती है। जिले का चयन भी रालोद नेतृत्व के लिए अहम माना जा रहा है। बुढ़ाना से तीन बार के विधायक राजपाल बालियान पार्टी के पुराने वफादारों में है, इसी वजह से उनके नाम की चर्चा सबसे अधिक हो रही है।
ये हैं रालोद के विधायक
बुढ़ाना से राजपाल बालियान, पुरकाजी सुरक्षित सीट से अनिल कुमार, खतौली से मदन भैया, मीरापुर से चंदन चौहान, छपरौली से अजय कुमार, सिवालखास से गुलाम मोहम्मद, शामली से प्रसन्न चौधरी, थानाभवन से अशरफ अली, शादाबाद से गुड्डू चौधरी विधायक हैं। इनमें राजपाल बालियान विधानमंडल दल के नेता है।