गंगा एक्सप्रेस वे से शुकतीर्थ को देश-दुनिया में मिलेगी पहचान
मुजफ्फरनगर। गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण से जिले की प्राचीन नगरी शुकतीर्थ की पहचान देश और दुनिया में बढे़गी। हरिद्वार से वाराणसी तक एक्सप्रेस वे बनने से शुकतीर्थ इस मार्ग से जुड़ेगा। शुकतीर्थ को प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल किया गया है।
प्रदेश सरकार ने शुकतीर्थ को प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल किया है। इस घोषणा के साथ गंगा एक्सप्रेस वे निकालने के लिए बजट जारी किया है। यह एक्सप्रेस वे वाराणसी तक जाएगा। प्रमुख तीर्थनगरी शुकतीर्थ का अपना इतिहास है। यह भागवत की नगरी है और पूरे देश के श्रद्धालु यहां भागवत कथा कराने आते हैं। इस तीर्थ क्षेत्र का इतिहास राजा परीक्षित से जुड़ा है। कहते हैं कि राजा परीक्षित ने शुकतीर्थ में स्थित वट वृक्ष के नीचे बैठक ही भागवत कथा सुनी थी। वट वृक्ष यहां अपनी प्राचीनता का स्वयं उदाहरण है। शुकदेव आश्रम भागवत पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज का कहना है कि गंगा एक्सप्रेस वे तीर्थ स्थलों को जोड़ने वाला मार्ग होगा। यात्रियों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। श्रद्धालु तीर्थ स्थलों पर आसानी से आ जा सकेंगे।