मुजफ्फरनगर में हैदराबाद के केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित बेमुला की मौत के विरोध में रिपब्लिकन सेना के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सभा और जुलूस के बाद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
रिपब्लिकन सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ एसवी सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दलित छात्र की मौत पर रोष जताया। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित सभा में सिंह ने कहा कि देश के शिक्षण संस्थानों में दलित छात्रों को उत्पीड़न और मानसिक शोषण का शिकार बनाया जा रहा है।
हैदराबाद में पांच दलित छात्रों के खिलाफ केंद्र सरकार के श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के इशारे पर निलंबन की कार्रवाई की गई। सभा के बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। राष्ट्रपति को सात मांगों को ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
ज्ञापन में दलित छात्र रोहित के परिवार को दस करोड़ रुपयों की आर्थिक सहायता देने, दोषी मंत्रियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कुलपति को हटाने की मांग की गई। इस दौरान पूर्व आईएएस आरके सिंह, मुकेश कुमार अंबेडकर, इफ्तिखार कारी, सत्यपाल, मनोज कुमार, धर्मपाल शर्मा, अजय यादव, डॉ राजीव, तुषार, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए
मुजफ्फरनगर। उपचुनाव में रालोद प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक मिथलेश पाल ने दलित छात्र रोहित बेमुला की मौत के मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बंडारु दत्तात्रेय के इस्तीफे की मांग की।
सरकुलर रोड पर स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित बैठक में दलित छात्रों को निष्कासित किए जाने की निंदा की गई।
पूर्व सांसद मुंशी रामपाल, पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि किसान, मजदूर और गरीबों के बच्चों से शिक्षा संस्थानों में भेदभाव बंद होना चाहिए।
पूर्व मंत्री धर्मबीर बालियान, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, रणधावा मलिक, कंवरपाल फौजी, सतबीर वर्मा, संजय राठी आदि ने विचार रखे। संचालन रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने किया।