संवाद न्यूज एजेंसी
ककरौली (मुजफ्फरनगर)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में जिले के खाईखेड़ा गांव के रहने वाले साहिब (35) और उसकी डेढ़ साल की भतीजी आयशा नूर की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दोनों चारपाई पर सोए हुए थे, हमला सुबह करीब पांच बजे हुआ। रविवार को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
शनिवार सुबह पाकिस्तान की ओर से राजौरी में आबादी क्षेत्र में गोलीबारी की गई थी। खाईखेड़ा निवासी कामिल ने बताया कि दोनों एक चारपाई पर सोए हुए थे। साहिब के अलावा उसके भाई तौहीद की बेटी की भी गोली लगने से मौत हुई है। दोनों मृतकों के शवों को लेकर परिवार के सदस्य राजौरी से मुजफ्फरनगर के लिए चल पड़े हैं। रविवार सुबह तक गांव पहुंचेंगे, जिसके बाद यहां सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। गांव के प्रधान ने भी दोनों की मौत की पुष्टि की है। उधर, घर पर गम का माहौल है। मृतक मासूम अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। परिजनों ने बताया कि साहिब के दो भाई वाजिद व आसिफ पिछले महीने जम्मू में जाकर रहने लगे थे।
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20 साल से रह रहे थे राजौरी में
ककरौली। खाईखेड़ा निवासी शाहिद के चार पुत्र साहिब, तौहीद, वाजिद व आसिफ पिछले करीब 20 वर्षों से जम्मू-कश्मीर के राजौरी में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे। सभी वहां रहकर वाहनों की डेंटिंग-पेंटिंग करने की दुकान चलाते थे।
ईद मिलने आया तो पत्नी, पुत्र को गांव छोड़ गया था साहिब
मृतक साहिब के तहेरे भाई कामिल ने बताया कि साहिब व उसका छोटा भाई तौहीद परिवार सहित बीते 31 मार्च को ईद मिलने अपने गांव खाईखेड़ा आए थे। साहिब अपनी पत्नी व ढाई वर्षीय इकलौते पुत्र को गांव छोड़कर तौहीद व उसके परिवार के साथ वापस काम पर राजौरी लौट गया था।
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गांव में गम का माहौल
साहिब व डेढ़ वर्षीय बालिका आयशा की मौत से पूरे गांव में गम का माहौल है। साहिब की मां रुकसाना व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों मृतकों के शव एंबुलेंस से गांव के लिए कश्मीर से रवाना किए जा चुके हैं।