फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहर्रम को लेकर जारी नई गाइडलाइन से उलमा व शिया समुदाय नाखुश

विज्ञापन
सैयद ईसा रजा - फोटो : DEVBAND
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। मोहर्रम के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को लेकर उलमा और शिया समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी का इजहार किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बड़ी बड़ी चुनावी रैलियां हो सकती हैं, तो फिर मोहर्रम के जुलूस आदि पर पाबंदी किस लिए लगाई गई है।
विज्ञापन

सपा शासन में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे सैयद ईसा रजा ने कहा कि मोहर्रम को लेकर सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है वह सरासर गलत है, जब कोरोना का प्रकोप बढ़ा हुआ था तब चुनावी रैलियां हो रही थीं। कई बड़े धार्मिक आयोजन भी कराए गए। उन्होंने कहा कि मोहर्रम में निकाले जाने वाले जुलूस आदि पर पाबंदियां लगाया जाना गलत है। यह दूसरा साल है जब इस तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश का पालन किया जाएगा, लेकिन इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। इत्तेहाद उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा ने मोहर्रम को लेकर जारी गाइडलाइन पर नाराजगी जताई है। उन्होेंने कहा कि सरकार को इस गाइडलाइन को बदल देनी चाहिए। क्योंकि यह लोकतांत्रिक देश है और यहां पर सभी को अपने अपने धर्म के हिसाब से त्योहारों को मनाने का पूरा अधिकार है।

मौलाना कारी मुस्तफा- फोटो : DEVBAND

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें