बगैर अनुमति के खनन करने पर उदयपुर की कंपनी पर 75 लाख का जुर्माना
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने किसान आंदोलन को एक रणनीति के तहत दबाने के लिए एक किसान संगठन पर नकेल कस दी है। पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर बिना अनुमति के खनन करने पर उदयपुर की एक कंपनी को 75 लाख का नोटिस जारी किया है। इसके जारी होते ही हलचल एक बड़े किसान संगठन में हुई है। किसान संगठन और प्रशासन दोनो एक-दूसरे पर दबाव बनाने का खेल खेल रहे हैं।
दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन को देखते हुए सरकार और प्रशासन की किसान संगठनों के एक-एक काम पर नजर है। हाल ही में अचानक पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर खनन बंद कराते हुए मशीन और डंपर को प्रशासन ने तितावी थाने में सीज कराया है। यहीं नहीं मिट्टी भराव का काम लेने वाली राजस्थान के उदयपुर की एक कंपनी को 75 लाख का नोटिस भी जारी किया गया है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह के मुताबिक प्रशासन से बिना अनुमति के इस मार्ग पर लगभग 15 हेक्टेयर खनन किया है। पांच लाख प्रति हेक्टेयर के हिसाब से पेनाल्टी लगाई गई है। पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर दूसरे चरण में शामली से मुजफ्फरनगर तक कार्य शुरू हो चुका है। प्रशासन को यह पता था कि उदयपुर की कंपनी से आंतरिक रूप से यह काम जिले के एक बड़े किसान संगठन के पदाधिकारियों ने ले रखा है। आला अफसरों ने शासन में इसकी जानकारी दी और दबाव की दृष्टि से खनन प्रकरण में सीधे कार्रवाई की गई।