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करंट की चपेट में आकर दो किशोरों की मौत, घोड़ा भी मरा       

Fri, 27 Jul 2018 12:52 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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करंट से किशोरों की मौत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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खतौली तहसील के पास तिलक कॉलोनी के सामने बारिश में घोड़े पर बैठकर घर जा रहे दो किशोरों की हाइटेंशन लाइन के खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई। घोड़े ने भी दम तोड़ दिया। किशोरों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
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कॉलोनी के लोगों ने किशोरों की मौत के लिए विद्युत निगम के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आक्रोश जताया। पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत किया। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने केवल घोड़े का पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया। 

नगर के मोहल्ला नई आबादी निवासी सुहेल (12) पुत्र शकील अपने साथी मोहल्ले के रहने वाले समीर (14) पुत्र रियाजूददीन के साथ बृहस्पतिवार को जंगल में घोड़ा चराने के लिए गया था। समीर कक्षा चार का छात्र था और सुहेल कक्षा दो में पढ़ता था। दोपहर में घोड़ा चराते हुए अचानक तेज बारिश होने लगी।
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बारिश में ही सुहेल और समीर घोड़े पर बैठकर अपने घर जाने के निकले। इन दोनों को रेलवे लाइन पार करके अपने घर जाना था। चौधरी तिलकराम इंटर कालेज के सामने रेलवे लाइन के पास हाईटेंशन लाइन का खंभा है, जिस पर ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। बारिश में हाइटेंशन लाइन का करंट खंभे की सपोर्ट के लगे तारों में दौड़ रहा था।

रेलवे लाइन की पार करने को जाते हुए घोड़े का पैर खंभे के सपोर्ट के तार से टच हो गया, जिससे करंट लगने से सुहेल और समीर की मौके पर ही मौत हो गई। घोड़े ने भी  दम तोड़ दिया। किशोरों की मौत की खबर लगने से ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। हादसे की जानकारी मिलने पर काफी लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए थे। पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही परिवार के लोग शवों को अपने घर ले गए । सूचना मिलने पर सीओ डॉ राजीव कुमार व इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

मौके पर एकत्र लोगों की भीड़ ने किशोरों की मौत का जिम्मेदार विद्युत निगम को ठहराते हुए पुलिस के समक्ष आक्रोश प्रकट किया। सीओ व इंस्पेक्टर ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने को परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने केवल घोडे़ का ही पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया। 

सुहेल का पिता चलाता है घोड़ा बग्गी 
खतौली। सुहेल का पिता शकील शादी समारोह और धार्मिक आयोजनों में घोड़ा बग्गी चलाता है। सुहेल अपने सात भाई व बहनों में सबसे छोटा था। मृतक समीर के पिता रियाजूददीन के कई वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी। मृतक का परिवार मोहल्ले में ही किराये के मकान में रहता है। मृतक समीर अपने सात भाइयों में सबसे छोटा था। किशोरों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

एक्सईएन ने आर्थिक मदद का भरोसा दिया 
एक्सईएन सेवाराम को हादसे की जानकारी मिली तो वे एसडीओ मनोज कुमार को साथ लेकर मृतक परिजनों के घर पहुंचे। एक्सईएन ने मृतक परिवारों को सांत्वना देते हुए हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने दोनों परिवारों को ऊर्जा निगम की ओर से हर संभव आर्थिक मदद दिलाए जाने का भरोसा दिया। चेयरमैन के पति काजी जमील अहमद व सपा नेता सुलेमान परदेसी भी मृतक परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। 

उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा भी इसी जगह पर हुआ था 
खतौली। सहेल व समीर की करंट लगने से जिस जगह रेलवे लाइन के पास मौत हुई। इसी जगह पर चौधरी तिलकराम इंटर कालेज के सामने पिछले साल 19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हुआ था। हादसे के दौरान ट्रेन डिब्बे कालेज के दीवार से टकराए थे। जिससे कालेज की दीवार भी टूट गई थी। इस भीषण हादसे में 26 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे।  

कॉलेज के बच्चों की जान को भी खतरा 
खतौली। चौधरी तिलकराम कालेज के ठीक सामने हाइटेंशन लाइन के खंभा लगा हुआ है, जिस खंभे पर ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इसी खंभे के सपोर्ट तारों में हाइटेंशन करंट दौड़ने से सुुहेल और समीर की जान चली गई। बरसात के दिनों में इस खंभे से कालेज के बच्चों की जान को भी खतरा हो सकता है। कालोनी के लोगों ने विद्युुत निगम के अधिकारियों से इस खंभे को हटवाने की मांग की है। 
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