बागपत जिले के कस्बा दोघट से यहां न्याजूपुरा में बारात के साथ आए दो किशोर बृहस्पतिवार शाम काली नदी में नहाते हुए गहरे पानी में डूब गए। लोगों ने शोर मचाते हुए एक किशोर को तो बमुश्किल बाहर निकाल लिया, जबकि दूसरे किशोर की करीब चार घंटे बाद लाश ही मिली। गमगीन परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के किशोर की लाश लेकर बारात के साथ ही दोघट लौट गए। वहीं, दु:खदहादसे के बाद गमगीन माहौल में दोनों दुल्हन बहनों की विदाई की गई।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव न्याजूपुरा निवासी महबूब की दो बेटियों इमराना व फरजाना की बृहस्पतिवार को एक साथ निकाह था। बड़ी बहन इमराना का निकाह बागपत जनपद के कस्बा दोघट निवासी राशिद के साथ होना था, जबकि छोटी बहन फरजाना का निकाह नई मंडी के गांव तिगरी निवासी आशु के साथ निर्धारित था।
तय कार्यक्रम के मुताबिक दोनों दूल्हे अपनी-अपनी बारात लेकर न्याजूपुरा में आए थे, जिनका विधिपूर्वक स्वागत-सत्कार किया गया। दोघट से आई इमराना की बारात में दूल्हे राशिद का भांजा नसीम (15) पुत्र इकराम निवासी कसबा खेकड़ा बागपत और एक अन्य रिश्तेदार शादाब (16) पुत्र शोएब भी शामिल थे। बारात के स्वागत सत्कार के बाद बारात में आए नसीम व शादाब दोनों शादी समारोह स्थल से कुछ दूर बहने वाली काली नदी में नहाने के लिए चले गए।
शाम करीब चार बजे दोनों किशोर नदी में नहाते हुए अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। दोनों को नदी में डूबते देख आसपास रहने वाले लोगों ने शोर मचा दिया, जिस पर कई युवक उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गए। इसके साथ ही पुलिस को भी हादसे की जानकारी दे दी गई। इस पर डायल-100 की पीआरवी 2250 तत्काल मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद गोताखोरों को भी मौके पर बुला लिया गया।
इस दौरान त्वरित मदद मिलने के चलते नदी में डूबे शादाब को तो सकुशल बाहर निकाल लिया गया, लेकिन नसीम गहरे पानी में समा गया। पुलिस ने शादाब को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाते हुए गोताखोरों से नसीम की तलाश कराई, लेकिन उसका पता नहीं चला।
उधर, घटना की जानकारी मिलते ही शादी-समारोह की खुशियों में खलल पड़ गया और महबूब के घर भी मातम का माहौल हो गया। वहीं, घटना के बाद सूचना फैलते ही पूरा गांव काली नदी पर उमड़ पड़ा, जिसके बाद डूबे किशोर की हर स्तर से तलाश शुरू कर दी गई।
इसके करीब चार घंटे बाद रात करीब आठ बजे नदी में डूबे नसीम की लाश गोताखोरों की मदद से काली नदी में बने पानी के एक गड्ढे से बरामद कर ली गई। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो दूल्हे पक्ष ने इसका विरोध करतेे हुए पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
इस पर पुलिस ने ग्राम प्रधान पति नूर मौहम्मद की मौजूदगी में पंचनामा भरकर लाश को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पीड़ित बाराती नसीम की लाश लेकर दोघट के लिए रवाना हो गए। उधर, घटना के बाद हर्षोल्लास से हो रहे शादी-समारोह में गमगीन माहौल के बीच निकाह की रस्में अदा कर दोनों दुल्हनों की रुखसती कराई गई। घटना को लेकर पूरे गांव में गम का माहौल है।
युवाओं ने दिखाया साहस
मुजफ्फरनगर। काली नदी में शाम के समय नहाते हुए दो किशोरों के डूबने के बाद सबसे पहले गांव के युवकों ने ही उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया। गांव निवासी आबिद, महताब, ईशू व इमरान ने गोताखोरों की पहुंचने से पहले ही नदी में डूबे शादाब को तो कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालते हुए बचा लिया,
लेकिन तब तक नसीम पानी में समा गया। इसके बाद भी उक्त युवकों ने गोताखोरों के साथ मिलकर नसीम की तलाश में काली नदी का उक्त क्षेत्र पूरी तरह खंगाला डाला, जिसके बाद करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद डूबे हुए किशोर की लाश बरामद की जा सकी।
सकते में आए राशिद की बारात में शामिल लोग
मुजफ्फरनगर। बागपत के दोघट निवासी राशिद की शादी न्याजूपुरा निवासी महबूब की बेटी इमराना के साथ तय हुई थी। निर्धारित कार्यक्रम के तहत राशिद भरी-पूरी बारात लेकर हंसते-गाते बारातियों के साथ न्याजूपुरा में आया था,
लेकिन किसे पता था कि शाम होते-होते बारात में शामिल दो किशोरों के साथ ऐसा भयानक हादसा हो जाएगा। काली नदी में नहाते समय दूल्हे के भांजे नसीम की डूबने से हुई मौत के बाद बारात में शामिल सभी लोग सकते में आ गए। बाद में गमगीन बाराती बच्चे की लाश लेकर आंसू भरी आंखों के साथ दोघट के लिए रवाना हो गए।