इस बार यूनिफार्म के साथ दिए जाएंगे दो मास्क
मुजफ्फरनगर। अभी परिषदीय स्कूलों के खुलने की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है लेकिन यूनिफार्म वितरण की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार प्रत्येक बच्चे को दो यूनिफार्म के साथ दो मास्क भी दिए जाएंगे। खास बात यह है कि अभी बजट नहीं मिला है लेकिन स्वयं सहायता समूहों को वर्क आर्डर जारी किए जा रहे हैं। ब्लॉक स्तर एवं नगरीय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म का वितरण करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले करीब एक लाख 44 हजार छात्र-छात्राओं को दो-दो यूनिफार्म का वितरण किया जाना है। एक यूनिफार्म के लिए 300 रुपये निर्धारित है। यानि एक बच्चे के लिए 600 रुपये खर्च होंगे। इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए प्रत्येक बच्चे को कपड़े से बने दो-दो मास्क भी दिए जाएंगे। अभी शासन से यूनिफार्म का बजट जारी नहीं किया गया है लेकिन जिला स्तर पर स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी दी जाने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर स्कूलों की जिम्मेदारी समूहों को सौंपी जा रही है। नगर स्तर पर भी स्कूलों का आवंटन किया जा रहा है।
ठेकेदार हुए सक्रिय, समूहों से कर रहे तालमेल
मुजफ्फरनगर। यूनिफार्म वितरण को लेकर जिम्मेदारी भले ही स्वयं सहायता समूहों को दी जा रही हो लेकिन काम ठेकेदारों के हाथ में ही रहेगा। दरअसल समूह आर्थिक रूप से इतने मजबूत नहीं हैं कि वे बिना एडवांस बजट मिले कपड़ा खरीद सकें और फिर सिलाई कर सप्लाई कर सकें। यूनिफार्म का भुगतान सप्लाई के बाद ही मिलना है। इसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार सक्रिय हो गए हैं। वे समूहों की आड़ में सप्लाई करेंगे। इसलिए ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में सप्लाई का काम पाने के लिए हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों पर नेताओं की सिफारिशें भी आनी शुरू हो गई हैं।
खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी समूहों की सूची
ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित स्वयं सहायता समूहों की सूची खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंप दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में एनआरएलएम के तहत करीब 2200 समूह चल रहे हैं जबकि शहरी क्षेत्रों में करीब 50 समूहों की सूची दी गई है। डूडा के परियोजना अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्र में समूहों की संख्या ज्यादा है लेकिन सभी को आर्डर नहीं मिल सकता।
इन्होंने कहा...
स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म वितरण का कार्य दिया जाना है। इसके लिए वर्कऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को समूहों की सूची दे दी गई है। वे उनसे संपर्क कर सप्लाई प्राप्त करेंगे।
- राम सागरपति त्रिपाठी, बीएसए।