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दीवार गिरने से दो की मौत: मलबे में दम तोड़ गई जिंदगी, रह गए बस आंसू, गम, गुस्सा और मातम

Wed, 30 Apr 2025 09:18 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

दधेडू में ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से ईश्वर (27) और रोहित (17) की मौत हो गई। ग्रामीणों ने शव रखकर जाम लगा दिया और हंगामा किया। दोनों की मां रोते हुए बोलीं कि कोई मेरे बेटे को लौटा दे।
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विलाप करती मां। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दधेडू में ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से मलबे में दबने से मजदूर ईश्वर (27) और रोहित (17) की जान चली गई। हादसे के बाद आसपास के भट्ठों से भी मजदूर मलबा हटवाने पहुंचे, लेकिन तब तक जिंदगी दम तोड़ गई। जेसीबी पहुंचने में भी देर हुई। परिवारों के आंसुओं ने सैकड़ों लोगों को गम से भर दिया। अव्यवस्था पर गुस्सा भी जताया।
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दीवार, जिसके गिरने से हादसा हुआ। - फोटो : अमर उजाला
मुथरा से मजदूर रोजाना करीब नौ किमी का सफर तय कर मजदूरी पर जाते हैं। बुधवार सुबह छह बजे दीवार गिरी तो शोर दूर तक गया। मुथरा निवासी रवींद्र सिंह परिवार सहित पास के ही दूसरे भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था। अपने पिता कर्ण सिंह व अन्य मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने में ताकत लगा दी।

विलाप करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
आंसू बहाते मजदूर ने बताया कि यहां राहत एवं बचाव कार्य नाकाफी थे। मशक्कत कर मलबे में दबे दोनों लोगों को बाहर निकाला, लेकिन दो साथियों की जान नहीं बच पाई। जेसीबी भी काफी देरी से पहुंची। घायल पिंकू ने बताया कि कमजोर दीवारों के कारण हादसा हुआ है।
 

हादसे में बचा पिंकू। - फोटो : अमर उजाला
रोते हुए मां बोली, मुझे मेरा बेटा चाहिए
हादसे के बाद मृतक ईश्वर की मां सुनीता और रोहित की मां ओमकली के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। चारपाई पर रखे गए शवों के पास बैठकर विलाप करती रहीं। कुछ महिलाओं ने उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास किया। मृतक ईश्वर के तीन बेटियों सहित पांच मासूम बच्चे हैं। रोते हुए दोनों मां ने कहा कि उन्हें अपने बेटे चाहिए।
 

हंगामा करते लोगों को समझाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
पांच घंटे नहीं उठाने दिए शव, हंगामा
शवों को चारपाई पर रखकर ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे हंगामा किया। परिजनों के लिए उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग की। भाकियू नेता विकास शर्मा की अगुवाई में कुछ लोगों ने शवों को मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों की थाना प्रभारी जसबीर सिंह से नोकझोंक भी हुई। सीओ सदर देवव्रत वाजपेई ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।

शव रखकर हंगामा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
हादसे रोकने के लिए कमेटी करेगी मंथन
आंदोलन जन कल्याण समिति और ईंट भट्ठा समिति के जिलाध्यक्ष प्रमोद बालियान ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, घायलों को एक-एक लाख रुपये देने पर सहमति बनी। हादसा दुखद है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कमेटी बृहस्पतिवार को मंथन करेगी। भट्ठा मालिक ने घटना की जानकारी खुद थाना प्रभारी को दी थी।
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ये है मामला
क्षेत्र के मुथरा गांव निवासी ईश्वर और रोहित बुधवार को अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ भट्टे पर भराई करने के लिए गए थे। इसी दौरान ईंटों की कच्ची दीवार गिर गई। हादसे में ईश्वर और रोहित की मौत हो गई। पिंकू और किरणपाल गंभीर घायल हो गए। 
 
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