- मंत्री ने दिए निर्देश, अब जिले के हर स्वास्थ्य केंद्र पर होगी बुखार की जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर/मीरापुर। बदलते मौसम के बीच बुखार ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मीरापुर में दो लोगों की मौत हो गई। डेंगू के पांच और मरीज सामने आए हैं, अब पीड़ितों की संख्या 245 हो गई है। प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर ने कहा कि प्रत्येक प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराई जाएगी।
मीरापुर की पंजाबी कॉलोनी निवासी राम सहाय और मोहल्ला दक्षिणी मुश्तर्क निवासी जहीरुद्दीन की पत्नी समीना कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। निजी डॉक्टर को दिखाया, लेकिन आराम नहीं हुआ। बुधवार को दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि बुखार से मौत हुई है। उधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मीरापुर पर कोई चिकित्सक नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं। लोगों ने कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग रखी है। उधर, बुधवार को मोरना, बघरा और पुरकाजी में डेंगू का एक-एक मरीज मिला है। जबकि शहर में दो मामले मिले हैं। जिला अस्पताल में संचालित ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही।
बुखार की टेस्टिंग को चलाया जाए अभियान : तोमर
जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बुखार के प्रकोप को देखते हुए गांव से लेकर शहर तक टेस्टिंग अभियान चलाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बेहतर से बेहतर उपचार दिए जाने के निर्देश दिए हैं। सीएचसी, पीएचसी पर भी टेस्टिंग अभियान चलाया जाए।
कासमपुरा में चिकित्सकों ने किया कैंप
भोपा। कासमपुरा गांव में बुखार से तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने बुखार की जांच के साथ ही उपचार भी किया। चिकित्सकों ने कहा कि उपचार के साथ-साथ बचाव भी जरूरी है। चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि बुधवार को गांव में स्वास्थ्य टीम ने कैंप कर लोगों की जांच की, साथ ही काफी मरीजों का उपचार भी किया। उन्होंने ग्रामीणों को बचाव के तरीके भी बताए। टीम में डॉ. अनिल कौशिक, मांगेराम, शाकिर अली, नरेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। उधर, गादला गांव में भी बुखार का काफी प्रकोप है, गांव में दो मौत हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में कैंप कर जांच व उपचार करना चाहिए।