देवबंद। दारुल उलूम की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक में वर्ष 2021-22 का बजट पारित करने और रिक्त पदों पर नियुक्ति के साथ ही अन्य विभागों से संबंधित कार्यों पर विचार विमर्श किया गया। संभावना है कि कोरोना काल को देखते हुए इस बार संस्था के बजट में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।
रविवार की देर शाम संस्था के मेहमानखाने में शुरू हुई दो दिवसीय मजलिस-ए-शूरा की बैठक के प्रथम चरण में बैठक का एजेंडा पेश किया। साथ ही संस्था के वार्षिक बजट पेश करने को लेकर चर्चा हुई। बताया गया है कि कोरोना काल की वजह से इस बार संस्था का बजट 31 करोड़ रुपये ही पारित किया जाएगा। साथ ही कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी और नायब मोहतमिम मौलाना अबुल खालिक संभली की मृत्यु से रिक्त हुए पदों को भरे जाने को लेकर विचार विमर्श के बाद नियुक्ति को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इन पदों पर अनवारुलहक बिजनौरी व मौलाना बदर के नियुक्त होने की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं, यह संभावना जताई जा रही है कि बजट में बढ़ोतरी न होने के चलते इस बार कर्मचारियों के वेतन में भी कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। वहीं, एक कर्मचारी को बिना किसी नोटिस के नौकरी से निकाले जाने को लेकर उसके परिजनों ने शूरा सदस्यों से मुलाकात भी की। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी, सदर मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी, मौलाना गुलाम वस्तानवी, मौलाना निजामउद्दीन खामोश, मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी, सैयद अंजर हुसैन, मौलाना हमीद बांटवी, मुफ्ती अहमद खानपुरी, मौलाना महमूद राजस्थानी, मौलाना आमिल, मुफ्ती शफीक, मौलाना हकीमुल्लाह आदि शामिल रहे।