रोडवेज विभाग में दो स्थायी परिचालक निलंबित किए गए हैं। एक परिचालक ने बस में नौ यात्रियों से टिकट के पैसे लेकर जेब में रख हुए थे, जबकि दूसरे परिचालक ने दो दिनों तक निगम का कैश जेब में रखा, उसे जमा नहीं किया गया था। परिचालक पर अस्थायी गबन के तहत कार्रवाई की गई है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सहायक यातायात निरीक्षक सुधीर, रमेश और इंद्रपाल ने मुजफ्फरनगर-बिजनौर मार्ग पर चेकिंग की। इस दौरान बिजनौर से आ रही निगम की बस को रोककर यात्रियों की संख्या जांची गई। परिचालक निखिल कुमार पुत्र रामपाल से एटीआईएम लेकर भी पड़ताल की।
बस में 18 यात्री सवार थे, लेकिन नौ यात्रियों के टिकट नहीं बने थे। इनके पैसे लेकर परिचालक निखिल ने जेब में रख लिए। टीम ने तत्काल परिचालक पर कार्रवाई के लिए एआरएम को रिपोर्ट दी। जिसके चलते एआरएम बीपी अग्रवाल के आदेश पर निखिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निखिल एक माह पूर्व ही डिपो में मृतक आश्रित कोटे पर स्थायी परिचालक के रूप में भर्ती हुआ था। दूसरा मामले में परिचालक सतीश कुमार पुत्र रामवीर पर अस्थायी गबन के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की गई है। कानपुर से आई नई बस पर सवार सतीश ने दो दिन का किराया डिपो में जमा नहीं कराया था।
इससे पूर्व भी सतीश पर इसी प्रकार के आरोप थे, जांच-पड़ताल के बाद बृहस्पतिवार को उसे डिपो से निलंबित कर दिया गया। परिचालकों पर कार्रवाई होने से डिपो में हड़कंप मचा हुआ है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि विभाग को चूना लगाने वाले दो परिचालकों को निलंबित किया गया है। आगे भी टीम को रूट पर लगाकर बसों की जांच-पड़ताल की जा रही है।