स्कूल में बंद बच्चों को बाहर निकालते कर्मचारी।
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खतौली के गांव लाडपुर के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही से छुट्टी के बाद दो बच्चे कमरे में बंद हो गए। बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर उनके परिजनों को चिंता सताने लगी। परिजनों ने बच्चों को गांव में काफी तलाश किया। स्कूल में बच्चों के बंद होने की जानकारी मिलने पर गांव में अफरातफरी मच गई। बीएसए के निर्देश पर एबीसीए कार्यालय से लिपिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका को लेकर स्कूल में पहुंचे। करीब तीन घंटे बाद दोनों बच्चों को ताला खोलकर कमरे से बाहर निकाला जा सका। बीएसए चंद्रकेश यादव ने एबीएसए को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
लाडपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में सोमवार को एक बजे बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी। प्रधानाध्यापिका चारु वर्मा और स्कूल स्टाफ विद्यालय का ताला लगाकर चले गए। स्कूल के स्टाफ की इतनी लापरवाही रही कि उन्होंने कमरों को ताला लगाने से पहले चेक नहीं किया था। स्कूल की छुट्टी होने पर गांव के बच्चे अपने घर पर पहुंच गए थे। गांव लाडपुर निवासी कक्षा चार का छात्र शाहनवाज पुत्र दीन मोहम्मद व कक्षा पांच का छात्र बादल पुत्र पप्पू कमरे के अंदर ही बंद हो गए।
घर नहीं पहुंचने पर दोनों छात्रों के परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने छात्रों को गांव में काफी जगह तलाश किया, लेकिन वे नहीं मिले। छुट्टी होने पर अक्सर गांव के बच्चे दीवार फांदकर विद्यालय के अंदर खेलते हैं। गांव के बच्चे दीवार फांदकर अंदर पहुंचे तो कमरे के अंदर बादल व शाहनवाज बंद मिले। इन लोगों ने ग्रामीणों को बच्चों के अंदर बंद होने के बारे में जानकारी दी। प्रधान मुकेश ने प्रधानाध्यापिका को फोन किया। आरोप है कि उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। प्रधान ने इसकी जानकारी बीएसए चंद्रकेश यादव को दी।
बीएसए ने एबीएसए सुदर्शन लाल को बच्चों को बाहर निकलवाने और इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। एबीएसए ने कार्यालय से लिपिक शिवकुमार व अन्य स्कूल से शिक्षक शोविंद्र को विद्यालय पहुंचने के निर्देश दिए। लिपिक व अध्यापक घर से प्रधानाध्यापिका चारु वर्मा को साथ लेकर गांव में पहुंचे। इन्होंने स्कूल के कमरे का ताला खुलवाया और बच्चों को बाहर निकाला गया। इस दौरान दोनों बच्चों विद्यालय में करीब तीन घंटे तक कमरे में बंद ही रहे।