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कोरम के अभाव में पालिका बोर्ड की बैठक स्थगित  

Tue, 02 May 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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खाली पड़ा नगरपालिका सभागार। - फोटो : अमर उजाला
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नगरपालिका बोर्ड की बैठक कोरम के अभाव में स्थगित हो गई। बैठक में समय पर मात्र छह सभासद ही पहुंच सके। बीजेपी सभासदों में जहां नेतृत्व का अभाव दिखाई दिया, वहीं विपक्षी सभासदों में एकजुटता दिखाई दी। एक अरब 20 करोड़ 70 लाख का बजट प्रस्ताव भी खटाई में पड़ गया है। बजट पास नहीं होने से पालिका के समस्त कार्य बीच में लटक गए हैं।             
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नगर पालिका परिषद में चेयरमैन पंकज अग्रवाल की बर्खास्तगी के बाद एडीएम वित्त सुनील सिंह प्रशासक का कार्य देख रहे हैं। प्रशासन ने सोमवार को सुबह 11.30 बजे पालिका बोर्ड की बैठक बुलाई थी। बोर्ड बैठक में निश्चित समय में मात्र छह सभासद ही पहुंच पाए। आश्चर्य की बात यह है कि इन छह में बीजेपी के दो ही थे।

प्रशासक ने कोरम के अभाव में बैठक को स्थगित कर दिया। भाजपा सभासदों में जहां आपस में ही बिखराव दिखाई दिया और नेतृत्व गायब मिला, वहीं विपक्षी सभासद एकजुट रहे। 45 में से 34 सभासदों ने एकजुट होने की बात कही। बीजेपी के सभासदों की एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने बैठक लेकर बजट पास कराने की बात कही थी। 
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नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल भी बजट पास कराने के लिए जोर लगाए हुए थे। 2017-18 का बोर्ड में एक अरब 20 करोड़ 70 लाख का प्रस्ताव पास होना था, जो अधर में लटक गया है। ईओ अजीत सिंह ने बताया कि कोरम पूरा करने के लिए 36 सभासदों का मीटिंग में होना जरूरी है। प्रस्ताव पास करने के लिए समर्थन में 26 सभासद चाहिए। बजट पास नहीं होने से नगर पालिका के समस्त कार्य बीच में लटक गए हैं। ठेकेदारों का भुगतान लटक गया है।      
      
भाजपा नेताओं पर तुष्टिकरण का आरोप             
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड के 45 में से 34 सभासदों ने बीजेपी नेताओं के तुष्टिकरण के विरोध में सामूहिक रूप से त्याग पत्र देने की घोषणा की है। आरोप लगाया कि बजट पास करने के पीछे केवल कमीशनखोरी का खेल है। सभासदों के वार्डों के विकास के प्रस्ताव शामिल नहीं किए जा रहे हैं। सभासदों ने नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल को निशाने पर लिया।             
प्रकाश चौक पर एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में सभासदों ने आरोप लगाया कि आचार संहिता के बाद से अब तक उनके वार्डों में कोई काम नहीं हुआ है। बीजेपी के नेता अपनी मनमर्जी से काम कराना चाहते हैं। बोर्ड बैठक में बजट पास कराने के पीछे केवल बजट की बंदरबांट करना है, जो सभासद नहीं होने देंगे।

पालिका के 45 में से 34 सभासद एकजुट हैं। नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल और अन्य कुछ बीजेपी नेता पालिका में तुष्टिकरण की नीति अपना रहे हैं। सभासदों के अधिकार छीनकर पालिका में अपना कब्जा चाहते हैं। सभासदों को उनके अधिकार नहीं मिले तो सामूहिक रुप से इस्तीफा देंगे। पालिका को कुछ लोगों की कठपुतली नहीं बनने देेंगे।

पत्रकार वार्ता में विवेक गर्ग, विरेंद्र मुन्ना, शाहिद राजा, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र नीटू, मनोज शर्मा, ओमवीर, अन्नू कुरैशी, जनार्दन विश्वकर्मा, राजू प्रजापति, जितेंद्र काम्बोज, बाबू, उमरदराज, सौकत अंसारी, नंदकिशोर, रईसु, वीरभान, नौशान खान, शाहिद कुरैशी, नदीम खान, नरेंद्र मजदूर, मीनू आदि शामिल रहे।          
  
सपा ने दो सभासदों  का निष्कासन किया            
मुजफ्फरनगर। पार्टी की नीति के विरुद्ध बोर्ड बैठक में पहुंचने वाले दो सभासदों को सपा ने निष्कासित कर दिया। बोर्ड की बैठक में जो छह सभासद मौजूद रहे, उसमें सपा के नौशाद कुरैशी और असद जमा भी थे। पार्टी ने इन दोनों को छह साल के पार्टी से निष्कासित कर दिया है।        

सभासदों को विश्वास में लिए बिना बुलाई बोर्ड बैठक 
नगर पालिका बोर्ड बैठक में बीजेपी का चित्त हो जाना पार्टी में ठोस रणनीति का अभाव रहा। बोर्ड के सभासदों को विश्वास में लिए बिना ही बैठक बुला ली गई। पहले दिन यदि बीजेपी सभासदों की बैठक न होती तो विपक्षी सभासद एकजुट नहीं हो होते। पार्टी का यह दांव ही उल्टा पड़ गया।    
  
नगर पालिका बोर्ड में बीजेपी के सिंबल पर 14 सभासद जीतकर आए थे। कांग्रेस का चेयरमैन होने के कारण इन सभासदों में शुरू से ही बिखराव जैसी स्थिति थी। कुछ सभासद चेयरमैन का विरोध करते रहे तो कुछ उनके पक्ष में खड़े रहे। चेयरमैन पंकज अग्रवाल की बर्खास्तगी के बाद भाजपा नेता पालिका में गोलबंदी में जुट गए। बोर्ड बैठक से एक दिन पहले केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने पार्टी सभासदों की बैठक ली। इस बैठक में बोर्ड में बजट पास कराने की रणनीति तैयार की गई।

पार्टी के नेताओं ने सभी सभासदों से संपर्क साधे बिना ही बजट पास होने का दावा कर दिया। विपक्षी सभासदों को जैसे ही मालूम हुआ कि बीजेपी के सभासद एकजुट हो रहे हैं तो वह विरोध में एकजुट हो गए। भाजपा सभासद तो एक छत्र के नीचे नहीं आ पाए, लेकिन विपक्षी एकजुट जरूर हो गए। रिजल्ट यह निकला कि कोरम के अभाव में बोर्ड बैठक स्थगित हो गई। भाजपा के कद्दावर नेता बोर्ड की स्थिति को नहीं भांप पाए। पार्टी की सारी रणनीति धरी रह गई। अब भाजपा के लोग पूर्व चेयरमैन पंकज अग्रवाल पर आरोप मढ़ रहे हैं कि उन्होंने बजट पास नहीं होने दिया। 

मुझे मालूम नहीं क्या हुआ: कपिल       
मुजफ्फरनगर। नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल का कहना है कि बोर्ड की बैठक में क्या हुआ, मुझे जानकारी नहीं है। बाहर था सोमवार दोपहर बाद ही लौटा हूं। मामले की जानकारी प्राप्त करुंगा। बर्खास्त किए गए चेयरमैन पंकज अग्रवाल का कहना है कि पालिका बोर्ड में जो हो रहा है, उससे मेरा कोई मतलब नहीं है। सभासदों का अपना मामला है। हर कोई अपने हक के लिए लड़ता है।           
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