मुजफ्फरनगर। अदालत ने आठ साल पहले कॉलेज की दो नाबालिग छात्राओं को अगवा कर छेड़छाड़ और लैंगिक हमला करने के मामले में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-1 मंजुला भलोटिया ने निर्णय सुनाया।
घटना 6 सितंबर वर्ष 2017 को मंसूरपुर थाना क्षेत्र की है। वारदात के दिन दो नाबालिग छात्राएं विद्यालय पढ़ने गईं थीं लेकिन घर नहीं लौटीं। वादी ने बताया घटना वाले दिन दोनों छात्राएं बस स्टैंड पर आरोपियों के साथ देखी गई थी। कुछ लोगों ने दोनों को मेरठ की बस में जाते हुए देखा था। घटना में नामजद मेरठ के थाना लावड़ के गांव अजोता निवासी विनीत पाल का नाम पुलिस ने विवेचना में विलोप कर दिया था।
पुलिस ने मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव केल्लापुर निवासी पुनीत एवं खतौली के गांव भैंसी निवासी विनीत के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध अव्यस्क छात्राओं को बहका-फुसलाकर ले जाने, पॉक्सो एक्ट के तहत छेड़छाड़ और लैंगिक हमला करने का चार्ज फ्रेम हुआ। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सतेंद्र शैलान ने पैरवी की। हालांकि अदालत के समक्ष एक पीड़िता पक्षद्रोही हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। पीठासीन अधिकारी ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। ब्यूरो