मुजफ्फरनगर। नगर पालिका की पेयजल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा केवल चुनिंदा मोहल्लों में ही पहुंच पाता है। सक्षम लोग टुल्लू पंप के जरिए पाइप लाइन के पानी का इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन नलकूप से दूर के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के घरों तक पानी का प्रेशर नहीं आ पाता। कई मोहल्लों में तड़के, दोपहर या शाम को प्रेशर आने पर ही पानी मिल पाता है।
शहर की करीब पांच लाख की आबादी पर 66 नलकूप हैं। इनमें से दो का रीबोर चल रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों का दावा है कि पेयजल की आपूर्ति सवेरे सात बजे से रात 11 बजे तक लगातार होती है। बीच में थोड़ी-बहुत देर के लिए ही कोई नलकूप बंद होता होगा। इस दावे के बावजूद शहर के कई मोहल्लों में लोगों को उनकी जरूरत के समय पर पानी नहीं मिल पा रहा। खालापार के कई मोहल्लों के अलावा साकेत, रामपुरी, लद्दावाला, शामली रोड, भोपा रोड के कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति बहुत धीमी है। दरअसल शहर में सक्षम लोगों ने टुल्लू पंप लगवा रखे हैं। वे अपने दुमंजिला या तीन मंजिला मकानों की छत पर रखे टैंक भरने के लिए टुल्लू पंप चलाकर पाइप लाइन के पानी को खींच लेते हैं। जिन्होंने टुल्लू पंप नहीं लगवा रखे, उन्हें सवेरे चार बजे, दोपहर में या फिर शाम को ही पानी मिल पाता है।
सूखे पड़े हैं कई स्थानों पर लगे आरओ
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका ने शहर में 22 आरओ लगवा रखे हैं। इनमें से 10 तो कुछ माह पूर्व ही लगे हैं। इसके अलावा विभिन्न संगठनों ने भी आरओ लगवाए हैं। महावीर चौक पर लगे दो आरओ बंद हैं। कचहरी रोड पर लगे आरओ का फ्रिजर बंद है। शिव चौक पर लगा आरओ चल रहा है लेकिन इस पर भी बहुत कम लोग ही पानी पीते हैं।
ढाई माह से नहीं हुआ ठेकेदार का भुगतान
शहर में नगर पालिका की पेयजल आपूर्ति कभी भी गड़बड़ा सकती है। शहर में जहां-तहां पाइप लाइन लीकेज होते रहते हैं। पालिका ने लीकेज ठीक करने का ठेका दे रखा है। इसके साथ ही हैंडपंप मरम्मत एवं नलकूपों की मेंटिनेंस का कार्य भी ठेके पर कराया जाता है। इन कामों का मार्च के बाद भुगतान नहीं हुआ। प्रतिमाह करीब तीन लाख रुपये का बिल बैठता है। नगर पालिका जलकल विभाग के अभियंता शरद गुप्ता का कहना है कि बोर्ड बैठक में बजट पास नहीं होने से ठेकेदार के बिल पास नहीं हो पाए। ठेकेदार और कर्मचारियों को जैसे-तैसे समझा-बुझाकर काम कराया जा रहा है।
बंद पड़ी कई प्याऊ
मुजफ्फरनगर। शहर में कई स्थानों पर नगर पालिका और सामाजिक संगठनों की ओर से लगाई गई प्याऊ बंद पड़ी है। महावीर चौक, मीनाक्षी चौक, अस्पताल तिराहे पर प्याऊ नहीं चलाई गई है। प्रकाश चौक, कचहरी की प्याऊ से पानी तो आ रहा है, मगर उनका ठंडा पानी करने की मशीन खराब पड़ी है। महावीर चौक पर पानी नहीं मिलने से यात्री गर्मी में हाल बेहाल है।
शहर की पेयजल व्यवस्था (प्रति दिन)
प्रति व्यक्ति पेयजल आवश्यकता : 135 लीटर
प्रति व्यक्ति पेयजल आपूर्ति : 130 लीटर
नलकूप : 66
बंद पड़े नलकूप : 02
हैंडपंप : 1900
खराब पड़े हैंडपंप : 32
आरओ प्याऊ : 22