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डार्क जोन के किसानों को ट्यूबवेल का तोहफा, एक कनेक्शन पर 67 हजार की सब्सिडी 

Sat, 20 Jan 2018 12:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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कलक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेते डीएम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के डार्क जोन के किसानों को प्रदेश सरकार ट्यूबवेल के कनेक्शन का तोहफा देगी। ट्यूबवेल कनेक्शन पर 67 हजार की सब्सिडी प्रदेश सरकार की ओर से दी जाएगी। 180 मीटर की दूरी पर किसान को 9200 रुपये देने होंगे। इससे अधिक की दूरी पर स्टीमेट के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। कनेक्शन के लिए जिले में दो दिन में 700 किसानों ने प्रारंभिक रसीद कटवाई है। 
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2007 से जिले के चार ब्लाकों चरथावल, शाहपुर, बघरा और बुढ़ाना ब्लाक के किसानों को विद्युत निगम ट्यूबवेल के कनेक्शन जारी नहीं कर रहा था। किसानों को कनेक्शन जारी नहीं होने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

खेतों में सिंचाई के लिए किसानों का अधिक पैसा खर्च हो रहा था। प्रदेश सरकारों से किसान लगातार कनेक्शन चालू कराने की मांग कर रहे थे। भाजपा सरकार ने किसानों की समस्या को देखते हुए डार्क जोन के ब्लाकों में ट्यूबवेल कनेक्शन खोल दिए हैं। 
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इसी के साथ किसानों को सरकार राष्ट्रीय कृषि निधि से 68 हजार रुपये की सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है। एक कनेक्शन पर किसान को मात्र 9200 रुपये ही देने होंगे। 180 मीटर से अधिक की दूरी होगी तो स्टीमेट के हिसाब से खर्च आएगा। अधिशासी अभियंता ग्रामीण सोमदत्त शर्मा ने बताया कि एक ट्रांसफार्मर पर तीन कनेक्शन दिए जाएंगे।

दो दिन में 700 लोगों ने प्रोसेसिंग फीस के रूप में 100 रुपये की रसीद कटवाई है। सोमदत्त शर्मा का कहना है कि विभाग ने सरकार को टारगेट भेजा है, उसके अनुसार जिले में 4500 किसान ट्यूबवेल का कनेक्शन ले सकते हैं। जल्द ही कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिन लोगों की प्रोसेसिंग फीस जमा हो रही है, उनके स्टीमेट बनने शुरू हो जाएंगे। किसानों को कनेक्शन को काफी लाभ होने की संभावना है। 

67 किसानों को सबसे पहले मिलेंगे कनेक्शन 
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार के कनेक्शन पर रोक लगाने के बाद 67 ऐसे किसान थे, जिनका पैसा जमा था और विभाग उन्हें कनेक्शन नहीं दे पाया था। अब विभाग सबसे पहले ऐसे किसानों को ही कनेक्शन देगा। इन किसानों की सूची विभाग ने तैयार कर ली है।

डीपीओ का वेतन रोका, कई को चेतावनी 
डीएम जीएस प्रियदर्शी ने जिला स्वास्थ्य समिति की मीटिंग लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। पल्स पोलियो अभियान का पूरा खाका खींचा गया। जिसके लिए 44 मोबाइल टीम के अलावा अधिकारियों को क्षेत्रवार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीपीओ आशा सिंह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।

पल्स पोलियो अभियान 28 जनवरी से जाएगा। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने कि 62 अति संवेदनशील गांवों तथा 24 अति संवेदनशील नगर क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। बघरा ब्लॉक पर डीआईओएस अति संवेदनशील सात गांवों का, सदर ब्लॉक में सहायक चकबंदी अधिकारी 14 गांवों का, चरथावल ब्लॉक में जिला कृषि रक्षा अधिकारी नौ गांवों का, पुरकाजी ब्लॉक में जिला कार्यक्रम अधिकारी तीन गांवों का, शाहपुर ब्लॉक में जिला मनोरंजन अधिकारी सात गांवों का,

बुढ़ाना ब्लॉक में सहायक चकबंदी अधिकारी सात गांवों का, जानसठ ब्लॉक में जिला समाज कल्याण अधिकारी छह गांवों का, मोरना ब्लॉक में जिला गन्ना अधिकारी सात गांवों सहित नगर के 18 क्षेत्रों का जिला सेवायोजन अधिकारी व खतौली नगरीय के छह क्षेत्रों का जिला पूर्ति अधिकारी निरीक्षण कर पोलियो खुराक की गुणवत्ता एवं पर्यवेक्षण का कार्य करेंगे। 

अभियान में 516075 बच्चों का लक्ष्य है। 1460 बूथ 44 मोबाइल टीम, 163 ट्रांजिट बूथ, 1039 टीमें बनाई गई हैं। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षा करेंगे। पुरुष नसबंदी में इजाफा किया जाए।

कार्य न करने वाले कर्मचारियों का पांच दिन का वेतन काटे जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीपीओ आशा सिंह के वेतन पर रोक लगाई है। पोलियो ड्रॉप हर बार पिलवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान सीएमओ, एसीएमओ और जिला अस्पताल के चिकित्सक मौजूद रहे।
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