शुक्रताल स्थित महाविद्यालय में बलिदान दिवस मनाया गया। इसमें शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी गई। हवन यज्ञ कर शहीदों की याद में मौन व्रत रखा गया।
गुरुकुल प्रांगण में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जिला कुश्ती संघ के अमित राठी ने कहा कि तीनों शहीदों का यह देश सदैव ऋणी रहेगा।
प्रबंधक स्वामी आनंद वेश महाराज ने कहा कि भगत सिंह भारत माता को गुलाम देखकर महान क्रांतिकारी बने और अपने जवानी में प्राण देकर देश के स्वाभिमान की रक्षा की। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य इंद्रपाल राणा, प्राचार्य प्रेम शंकर मिश्रा, नीरज बालियान, किरणपाल, पुनीत, संजीव चौहान शंकर, आचार्य विजयवीर, अजयवीर, विकास, घनश्याम, राजा, रोबिन शास्त्री आदि उपस्थित रहे।
वहीं, दूसरी ओर शुक्रताल के परमधाम न्यास गौशाला में परमधाम अनुयायियों ने शहीद शिरोमणि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर क्रांतिकारियों की महाआरती का आयोजन किया गया। हवन यज्ञ में मंत्रोच्चारण के बीच आहुति देकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्री परमधाम न्यास अरिहंत पुरम दौराला मेरठ के तत्वाधान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सर्वप्रथम राष्ट्रगान के उपरांत हवन यज्ञ कर शहीदों के बलिदान को यादकर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।
परमधाम के परमगुरु स्वामी चंद्रमोहन ने अपने संदेश में कहा कि सांसारिक माता और पिता भी अपने बच्चों के लिए भी इतने कष्ट सहन नहीं कर सकते, जितने इन महान क्रांतिकारियों ने हमारे लिए सहन किए हैं। ऐसे महान लोगों के कष्टों को भूलकर हम पूजा पाठ, व्रत, दान, तीर्थ द्वारा परमात्मा को रिझाने के लिए जाने क्या क्या तरीके अपनाते हैं। क्रांतिकारियों को सम्मान देना हमारा प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। इस मौके पर पूनम लोकपाल, राजबीरी, सुनीता, सत्यवती, ममतेश, सुमन, मोनू, सुनील, पप्पन, उपेंद्र, नवीन, अमर सिंह, सुभाष, अरुण, राजेंद्र आदि का सहयोग रहा।