खतौली के मोहल्ला शिवपुरी में गुर्जर समाज की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें योगी मंत्रिमंडल में गुर्जर समाज की अनदेखी पर रोष जताया गया। युवा नेता अमित गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने गुर्जर समाज के किसी भी विधायक को मंत्रिमंडल में शमिल नहीं करके समाज को धोखा देने का काम किया है।
प्रधान मांगेराम ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में गुर्जर समाज के मतदाताओं की काफी संख्या है। पूर्व में जितनी भी प्रदेश में किसी पार्टी की सरकार बनी। उन पार्टी ने गुर्जर समाज के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया। पूर्व प्रधान प्रवीण कुमार ने कहा कि गुर्जर समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय बयान देने पर इमरान मसूद पहले लोकसभा के चुनाव में हरवाया और अब नकुड़ विधानसभा में हरवाया है।
सतीश भड़ाना ने कहा कि भाजपा को गुर्जर समाज को सम्मान देने के लिए गुर्जर विधायक को कैबिनेट मंत्री बनाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो समाज के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। अध्यक्षता सूबेदार सिंह और संचालन सोबिर गुर्जर ने किया। भारतवीर आर्य, जबर सिंह, मनोज कुमार, कुलदीप कुमार, सौवीर सिंह, संतरपाल, शिवकुमार, राजकुमार, नीटू भड़ाना, निवेश राणा, ब्रजेश कुमार, उमेश कुमार, कृष्णपाल आदि उपस्थित रहे।
भड़ाना को मंत्री नहीं बनाने पर रोष
मीरापुर से भाजपा विधायक अवतार सिंह भड़ाना को मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने पर गुर्जर समाज ने शुक्रताल में पंचायत कर पार्टी के प्रति आक्रोश प्रकट किया। शुक्रताल स्थित उदासीन निर्वाण आश्रम में आयोजित पंचायत में डायरेक्टर संसार सिंह ने कहा कि विधायक भड़ाना को मंत्री न बनाना गुर्जर समाज के साथ अन्याय है। डॉ. राजेंद्र ने कहा कि गुर्जर समाज ने भाजपा को पूर्ण समर्थन दिया। प्रधान महकपाल ने कहा कि सरकार को सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए।
अध्यक्षता स्वामी कृपालदास महाराज ने की। स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी राजेंद्र महाराज, नेमपाल प्रधान, नरपत सिंह प्रधान, अमित भड़ाना, पद्म सिंह प्रमुख, रामसिंह, भंवर सिंह, डॉ. ब्रजपाल, राजकुमार, तालब सिंह, संतराम, रविंद्र, रघुवर प्रधान, शिवकुमार लंबरदार, इनाम सिंह पहलवान, नाहर सिंह, मिथन सिंह, जगपाल प्रधान, विनोद कोहली आदि उपस्थित रहे। वहीं इलाहाबास, चौरावाला, खरपौड़, भुआपुर, सिकंद्रपुर, तेजलहेड़ा, हाशमपुर, ढ़ांसरी, पिपलहेड़ा, कासुमपर खोला, कटिया, पिवादा, रसूलपुर, गगोल, दरियापुर, आदि दर्जनों गांव के लोगों ने पंचायत में भाग लिया।