जानसठ। कवाल कांड में मारे गए ममेरे-फुफेरे भाई सचिन और गौरव की 13वीं पुण्यतिथि पर मलिकपुरा में स्मारक पर राजनीतिक दलों, ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने कहा कि कवाल कांड के बाद तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी का मौके से ही तबादला किए जाने के कारण जिले की स्थिति अनियंत्रित हो गई। तबादला कराने वालों को मुजफ्फरनगर के सर्वसमाज के लोग कभी माफ नहीं करेंगे।
मलिकपुरा में शुक्रवार स्मारक पर देवपाल शास्त्री ने हवन कराया। जनप्रतिनिधि, परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने श्रद्धांजलि दी। राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने 2013 की सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि सचिन और गौरव की यह क्षेत्र और समाज कभी नहीं भूल सकता।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भाजपा हमेशा सचिन, गौरव और अन्य सभी पीड़ित 12 परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। संकट के हर समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने कहा कि दंगा सपा सरकार की विफलता थी। भाजपा सरकार में कानून का राज है। जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सुप्रिया पाल, यशवीर महाराज ने विचार रखें। सभा के दौरान सचिन और गौरव के अलावा दंगे में जान गंवाने वाले 12 अन्य मृतकों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर संवेदनाएं प्रकट की गईं।
कवाल और मलिकपुरा में बढ़ाई सुरक्षा
कवाल कांड में मारे गए ममेरे और फुफेरे भाई सचिन-गौरव की पुण्यतिथि पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम रहे। कवाल के अलावा मलिकपुरा में पुलिसबल तैनात रहा। सीओ जानसठ ऋषिका सिंह ने दोनों गांव में पहुंचकर जायजा लिया।
यह रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में जानसठ ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र चौधरी, जिला कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष ठाकुर रामनाथ सिंह, यनेश तंवर, प्रविंद्र भड़ाना, गौरव स्वरूप, बृजेश रस्तोगी, अनिल राठी, संचित प्रधान, सत्यम गुर्जर मौजूद रहे।
इन्हें भी दी गई श्रद्धांजलि
दंगे में मारे गए रहमतपुर के अजय कुमार, बरीड़ा के बुगपाल राणा, भोकरहेड़ी के सोहनवीर सिंह, काकड़ा के विकास, महेंद्र, राजबीर, राजेश वर्मा, रामबीर, जगपाल, जोगेंद्र, वीरेंद्र उर्फ बब्बू और सोरम के विपिन बालियान को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।