परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के आने की आहट से अधिकारियों में खलबली मची है। खतौली और पुरकाजी क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या रात्रि बस सेवा है। इन दोनों क्षेत्रों से रात्रि में बसें तो जाती हैं, लेकिन कस्बों से किनारा करती हैं। चालक-परिचालक बसों को सीधे हाईवे से निकालते हैं।
लंबे अरसे से मांग चली आ रही है कि रात्रि में बसों को कस्बों से निकाला जाए। मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद से आने वाले यात्रियों को चालक-परिचालक खतौली क्षेत्र के गांव भंगेला में चीतल ग्रांट पर उतार देते हैं, जबकि देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार से आने वाले यात्रियों को भी चालक भैंसी-नावला कट के निकट छोड़ देते हैं। यही हालात पुरकाजी क्षेत्र के हैं।
यहां भी रात्रि में चालक-परिचालक बसों को कस्बे के बजाए हाईवे से निकालते हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि क्षेत्रीय प्रबंधक सहारनपुर की ओर से सहारनपुर, छुटमलपुर, खतौली, मुजफ्फरनगर डिपो को रात्रि में कस्बों के भीतर से बसें ले जाने के आदेश हैं। चालक-परिचालक मनमानी कर यात्रियों को हाईवे पर उतार कर चले जाते हैं।
परिवहन मंत्री के आगमन से अधिकारियों के साथ चालक-परिचालकों में भी खलबली मची हुई है। डिपो में अधिकारियों ने रात्रि सेवा की जानकारी जुटाई है। उधर, मंत्री शामली के निरीक्षण भवन में एआरटीओ, एआरएम समेत अन्य विभागों के अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। इसके चलते डिपो और एआरटीओ कार्यालय में मंगलवार को कर्मचारी दिनभर फाइलों को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
वहीं, विभागीय अधिकारियों के साथ मंत्री कार्यक्रम शेड्यूल के अनुसार 15 मिनट बैठक करेंगे। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिवहन मंत्री खतौली डिपो का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद शामली में बैठक लेंगे। इसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। रात्रि में बस चालक-परिचालकों के हाईवे से बसे निकालने की शिकायत मिली हैं, इनकी जांच कराई जा रही है। संबंधित बस चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।