मुजफ्फरनगर। जनपद मुख्यालय से हर गांव तक जल्द ही अनुबंधित मिनी बसें दौंड़ती नजर आएंगी। परिवहन निगम ने जनपद के सभी 704 गांवों को मुख्यालय से जोड़ने के उददेश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना शुरू की है। इन बसों के संचालन के लिए परमिट की जरूरत नहीं है। निगम के साथ बस के संचालन का दस साल के लिए अनुबंध होगा।
प्रदेश सरकार गांवों में रहने वाले लोगों को जनपद मुख्यालय तक आने जाने में होने वाली परेशानियों को दूर करने के प्रयास कर रही है। कुछ दिन पहले कम किराए वाली जनता बस का संचालन शुरू किया था। अब परिवहन निगम ने जनपद से हर गांव को जोड़ने के लिए 28 सीट वाली मिनी बस का संचालन शुरू करने की योजना शुरू की है।
मार्ग, फेरे व समय का निर्धारण खुद करेंगे मालिक
परिवहन निगम मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि इस योजना के तहत चलाई जाने वाली बस के लिए परमिट की जरूरत नही होगी। बस से होने वाली कमाई मालिक की होगी। निर्धारित सीमा तक किराया वसूली का अधिकारी भी होगा। मार्ग, फेरे व समय का निर्धारण भी मालिक कर सकते है। प्रतिदिन प्रति ग्राम तक कम से कम दो फेरे लगाने होंगे।
डीएम की अध्यक्षता वाली टीम करेगी बस का चयन
एआरएम ने बताया कि जो बस निगम में अनुबंध के लिए लगाई जाएगी उसका चयन डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। यह बस सीएनजी, डीजल या इलेक्टि्रक वाली भी हो सकती हैै। दस साल का अनुबंध होगा। 28 मार्च तक परिवहन निगम के एआरएम कार्यालय में आवेदन किये जा सकते है। अप्रैल में प्रक्रिया पूरी कर मई माह में बसों का संचालन शुरू होगा। बस मालिक को प्रतिमाह 1500 रुपये संरक्षण शुल्क देना होगा। पांच हजार रुपये सुरक्षा राशि जमा करानी होगी। बस दूसरे जिले में नही जा सकेंगी। चालक परिचालक भी मालिक ही रखेंगे।