मां-बेटे की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
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अपने बच्चों के लिए मां की ममता कभी कम नहीं होती। वह बेटे की सलामती के लिए आखिरी सांस तक लड़ती है। जगत कालोनी निवासी युवक किसी कारण से नाराज होकर रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने पहुंच गया। यह देख उसकी मां भी पीछे-पीछे ट्रैक पर पहुंच गई। वह बेटे को बचाने के लिए उसका हाथ पकड़कर खींचती रही, बेटा नहीं माना। ट्रेन आ गई, लेकिन मां ने बेटे का हाथ नहीं छोड़ा। ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटे दोनों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
जगत कालोनी का रहने वाला मुनेंद्र उर्फ मोनू (38) पुत्र सुदेश गुप्ता अशोका मार्केट में बर्तन बेचने वाले व्यापारी की दुकान पर नौकरी करता था। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब परिवार में लड़-झगड़कर वह आत्महत्या करने के लिए कालोनी के सामने रेलवे ट्रैक पर जाकर खड़ा हो गया। मां राखी गुप्ता (65) बेटे को आत्महत्या करने से रोकने के लिए पीछे-पीछे रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। मां ने आधा घंटे तक बेटे को आत्महत्या नहीं करने के लिए समझाया।
इसके बावजूद बेटा नहीं माना और जान देने की जिद पर अड़ा रहा। सुबह के करीब 6.15 पर मुजफ्फरनगर की ओर से दिल्ली जाने वाली उधमपुर-कानपुर एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। ट्रेन के पास आने तक भी राखी ने मोनू का हाथ नहीं छोड़ा और उसे खींचती रही। जिससे ट्रेन की चपेट में आने से मां और बेटे की कटकर मौत हो गई। रेलवे लाइन के पास रास्ते से गुजरने वाले लोगों ने मृतकों के परिजनों को खबर की। मां और बेटे के मरने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। घटना को लेकर कालोनी के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
रोते-बिलखते परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर काफी लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। सूचना पुलिस और जीआरपी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जीआरपी ने शवों की शिनाख्त होने पर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस का कहना है कि घरेलू कलह ही मां और बेटे की मौत का कारण बन गया। परिवार में विवाद के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है। मोहल्ले के लोग भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच-पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।