मुजफ्फरनगर। झमाझम बरसात के चलते लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान लुढ़ककर 5.4 डिग्री लुढ़ककर 28.6 डिग्री तक पहुंच गया। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जुलाई माह में अब तक 79.7 मिमी बरसात हुई। सोलानी, बाणगंगा, हिंडन और काली नदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रशासन ने खादर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है।
बुधवार तड़के करीब चार बजे बारिश शुरू हुई और लगातार नौ बजे तक चलती रही। इसके बाद सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक बारिश हुई। दोपहर में बारिश थमी लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। रात में करीब आठ बजे फिर बारिश शुरू हुई और देर रात तक जारी रही।
शहर के रैदासपुरी, रामलीला टिल्ला, घास मंडी, उत्तरी रामपुरी, ब्रहमपुरी, शिव चौक समेत अन्य क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति रही। बारिश के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। बृहस्पतिवार को भी बारिश की संभावना जताई गई है।
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। जानसठ, मीरापुर, रामराज और पुरकाजी क्षेत्र के कर्मचारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जुलाई में इस तरह बरसे बादल
तिथि बरसात
08 जुलाई 21.4 मिमी
07 जुलाई 20.8 मिमी
05 जुलाई 9.0 मिमी
04 जुलाई 5.4 मिमी
01 जुलाई 23.1 मिमी
बारिश में मौसम हुआ खुशगवार
चरथावल। उमस और तपिश भरी गर्मी से झमाझम बारिश में लोगों ने राहत महसूस की। सड़कों पर जलभराव ने परेशानी खड़ी की। स्कूली बच्चे बूंदाबांदी के बीच स्कूलों में पहुंचे। थानाभवन मार्ग पर सीएसची और ब्लॉक कार्यालय परिसर में पानी भर गया। उधर, किसान रामभूल सिंह, राज कुमार त्यागी, प्रवीण का कहना है बारिश फसलों के लिए लाभदायक है। गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से मुश्किल उठानी पड़ी। संवाद
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गन्ने और चारे की फसलों को लाभ
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि गन्ने की फसल को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव मौसम साफ होने पर ही करें। बारिश गन्ने और चारे की फसलों के लिए अच्छी है। बेल वाली फसलों में जड़ों के पास पानी जमा न होने दें और जल निकासी का उचित प्रबंध करें। यदि गन्ने की पेड़ी फसल बंधाई के लिए तैयार है, तो उसकी बंधाई अवश्य करें। ऐसा न करने पर हवा के कारण फसल गिरने की संभावना रहती है।
मुजफ्फरनगर में बारिश से बचाव को छाता लगाकर जाते हुए। संवाद