आंधी-बारिश ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी
मुजफ्फरनगर। तेज आंधी और बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। अभी करीब 30 प्रतिशत गेहूं खेतों में खड़ा है या फसल कटी पड़ी है। कटी फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। आम की फसल को भी 20 से 25 प्रतिशत तक का नुकसान बताया जा रहा है। बारिश की वजह से खेतों में पानी जमा हो जाने से सोमवार को गेहूं की कटाई नहीं हुई। गन्ने की बुवाई और कटाई का काम भी बाधित रहा। किसान खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को सुखाने में लगे हुए हैं।
बागों में काफी नुकसान
खतौली। आम और लीची के बागों में पहले ही कीट ने नुकसान पहुंचाया हुआ है। अब मौसम में आ रहे बदलाव व तापमान में उतार-चढ़ाव से खतरा बढ़ गया है। गेहूं की फसल गिरने से किसान परेशान हैं। किसान इस्लाम, इकराम, इरशाद, ओमप्रकाश, सुमित आदि का कहना है कि आम की फसल टूटकर गिर गई है। छपार क्षेत्र में भी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
पूरी रात गुल रही बिजली
पुरकाजी। आंधी-बारिश से बिजली आपूर्ति पूरी रात ठप रही, जो सोमवार दोपहर चालू हो पाई। धर्मेंद्र राठी, नवीन राठी, प्रताप सिंह, जसवंत त्यागी, पप्पू मुखिया, मुबारक अली आदि किसानों का कहना है अधिकांश गेहूं की फसल खेतों में कटी पड़ी है, जो कि बारिश में भीग जाने से खराब हो गई है। आम के बाग ठेकेदार राहत सलमानी, गुल्लू, नाजिम आदि ने बताया कि आंधी से आम टूटकर गिर गया है। शाहपुर क्षेत्र के किसान प्रदीप आर्य, राहुल बालियान, सुरेंद्र सैनी, संजीव कुमार आदि ने आंधी-बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। आंधी से ठप हुई बिजली आपूर्ति दोपहर बाद शुरू हो सकी।
गेहूं व आम की फसल को क्षति
मंसूरपुर। घासीपुरा निवासी बाग मालिक विजय राज सिंह तथा गेहूं की कटाई कर रहे जड़ौदा निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से काफी नुकसान हुआ है। गेहूं भीग जाने से थ्रेसिंग नहीं हुई। शाहपुर-मंसूरपुर मार्ग पर पेड़ टूटकर गिर गया। पुलिस ने पेड़ हटवाकर आवागमन चालू कराया।
कृषि विभाग ने नहीं माना नुकसान
मुजफ्फरनगर। एक सप्ताह पूर्व आई आंधी और बारिश ने भी गेहूं और आम को काफी नुकसान पहुंचाया था लेकिन, कृषि विभाग ने अपने सर्वे में नुकसान नहीं माना। उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने बताया कि बीते सप्ताह हुई बारिश से फसल को नुकसान नहीं हुआ था। अब गेहूं की बहुत थोड़ी फसल बची है। आम की फसल को थोड़ा नुकसान हुआ है।