कोर्ट परिसर में मौजूद समीर सैफी के परिजन।
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एडवोकेट समीर सैफी के प्रकरण में सुनवाई के दौरान उनके भाई अदालत में पहुंचे थे। तीन दोषियों को फांसी की सजा होने के बाद भावुक हो गए और आंखें छलक उठीं। उन्होंने कहा कि सात साल से फैसले का इंतजार था, हमें आज सुकून मिला है। वहीं बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
अधिवक्ता समीर सैफी।
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लद्दावाला निवासी वादी अजहर के बेटे दानिश, अफजल और जावेद फर्नीचर का काम करते हैं। भाई की हत्या के मामले में फैसले की घड़ी में अदालत पहुंच गए थे। फैसले के बाद उनकी आंखें छलक उठीं। उन्होंने कहा कि परिवार ने इस वारदात को तोड़कर रख दिया है। भाई ने विश्वास किया और उसके साथ विश्वासघात हुआ। हमें अदालत पर भरोसा था और आज इंसाफ मिलने से सुकून मिला है।
बचाव पक्ष बोला, हाईकोर्ट में लड़ेंगे लड़ाई
अभियुक्तों की पैरवी करने वाले जुनैद ने कहा कि हम इस मामले में हाईकोर्ट जाएंगे। निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी जाएगी। उधर, बचाव पक्ष के काफी लोग हवालात के बाहर एकत्र रहे। यहां परिवार की महिलाएं भी पहुंची थीं।
पूर्व अध्यक्ष अनिल जिंदल ने नि:शुल्क की पैरवी
बार के सदस्य की हत्या के मामले में अधिवक्ताओं के बीच भी रोष रहा। पूर्व अध्यक्ष अनिल जिंदल ने प्रकरण में नि:शुल्क पैरवी की। उन्होंने कहा कि यह अधिवक्ताओं के परिवार से जुड़ा मामला था। युवा अधिवक्ता की हत्या निंदनीय है।
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