- किसान 30 मई से चीनी मिल के गेट पर धरने पर बैठे हैं
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसान 30 मई से चीनी मिल के गेट पर धरने पर बैठे हैं। धरनास्थल पर तीन किसानों की हालत अचानक बिगड़ गई। एक किसान को देर रात के समय चीनी मिल के अधिकारियों ने निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया।
गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर चीनी मिल के गेट पर किसान धरने पर बैठे है। धरनास्थल पर किसानों को साढ़े चार माह से अधिक हो चुके है। किसानों के भुगतान की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को अचानक तीन किसानों की तबीयत खराब हो गई। भाकियू के तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान व ब्लॉक अध्यक्ष संजीव पंवार ने किसानों को हुए बुखार व श्वास लेने की समस्या की जानकारी चीनी मिल के चिकित्सकों को दी। घटना की सूचना मिलते ही चीनी मिल के उपाध्यक्ष जंग बहादुर तोमर चीनी मिल के चिकित्सक के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। धरनास्थल पर बीमार किसान कृष्णपाल निवासी माजरा, चरण सिंह निवासी इटावा व आस मोहम्मद निवासी दभेड़ी को दवाई दिवलाई। देर रात के समय अचानक कृष्णपाल निवासी माजरा की तबीयत अधिक बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही चीनी मिल के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
किसान को निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया। चिकित्सालय में किसान की हालत में सुधार है। बीमार किसान के पास चीनी मिल का सुरक्षाकर्मी मौजूद है। भाकियू नेताओं ने बताया कि चरण सिंह व आस मोहम्मद को भी आराम है। किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि भुगतान न मिलने के कारण किसानों के परिवार के पास बीमारी के इलाज के लिए भी पैसे नही है। धरनास्थल पर साढ़े चार माह बीत जाने के बाद भी भाजपा नेताओं, मंत्रियों व सरकार को किसानों की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। गरीब किसान की हाय सरकार को बर्बाद कर देगी। धरनास्थल पर विकास त्यागी, सुधीर सहरावत, विपिन, तैमूर अली राणा, राजबीर, प्रवींद्र, इसरार व बिजेंद्र आदि मौजूद रहे।