मंसूरपुर के गांव सोंटा में पंपलेट को लेकर हुई पंचायत में बोलते वक्ता।
- फोटो : KHATAULI
पर्चे बांटने में कार्रवाई के लिए पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम
मंसूरपुर। गांव सोंटा के लोगों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी वाले बटवाएं गए पर्चे के खिलाफ ग्रामीणों ने पंचायत कर रोष व्यक्त किया। पंचायत में थाना प्रभारी को ग्रामीणों ने इसका खुलासा करने के लिए तीन दिन का समय दिया।
बता दें कि शनिवार की रात मिल मंसूरपुर में सड़कों पर कुछ परचे पड़े मिले थे। पर्चे में छपी डिस्टलरी के अधिकारियों की तरफ से अपील की गई थी कि गांव सोंटा के ग्रामीण शातिर किस्म के हैं। वह फैक्टरी में उत्पात मचाते रहते हैं। गांव सोंटा के लोगों से कोई बात नहीं करेगा, न उनकी दुकानों से कोई सामान खरीदेगा। इस संबंध में सोमवार को गांव सोंटा में ग्रामीणों की हुई पंचायत में रोष व्यक्त किया गया। जिला पंचायत सदस्य संजय राठी ने बताया कि पंचायत में पहुंचे थाना प्रभारी मनोज चाहल को पर्चे प्रकरण का खुलासा को लेकर तीन दिन का समय दे दिया गया है। तीन दिन में थाना प्रभारी यह खुलासा करें कि पर्चे किस की ओर से बंटवाए गए हैं। यदि खुलासा नहीं हुआ तो तीन दिन के बाद ग्रामीणों की फिर पंचायत होगी. जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। डिस्टलरी के प्रशासनिक प्रबंधक सुनील जैन का कहना है कि पर्चे से डिस्टलरी अधिकारियों का कोई लेनादेना नहीं है। डिस्टलरी प्रशासन सभी ग्रामीणों का सम्मान करता है। किन्हीं शरारती तत्वों ने यह कार्य किया है। उनकी ओर से अज्ञात में थाने में रिपोर्ट लिखा दी है। उन्होंने भी पुलिस से खुलासे की मांग की है।