मुजफ्फरनगर। सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड-डे-मील देने की योजना जिले के 111 विद्यालयों में खोखली साबित हो रही है। दो माह से बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों के मिड-डे-मील की व्यवस्था नहीं करा पाया है। हजारों बच्चे रोज स्कूल में मिड-डे-मील की आशा में आते है, लेकिन उन्हें स्कूलों से खाली पेट ही लौटना पड़ता है।
जिले के 75 अशासकीय माध्यमिक, बेसिक के 19 अशासकीय जूनियर हाईस्कूल और 17 राजकीय हाईस्कूलों में पिछले दो माह से मिड-डे-मील का वितरण नहीं हुआ है। इसका कारण एनजीओ का गठन न होना बताया गया है। ऐसे में इन 111 विद्यालयों में पढ़ने वाले 25 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं मिड-डे-मील के इंतजार में हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एनजीओ के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला का कहना है कि इन विद्यालयों में मिड-डे-मील का भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है। रसोई न होने के कारण एनजीओ के माध्यम से इन विद्यालयों में मिड-डे-मील पहुंचाया जाता है। इस बार अभी तक एनजीओ का गठन नहीं हो सका है, जिसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही एनजीओ का गठन कर दिया जाएगा। इसके बाद से नियमित रूप से इन विद्यालयों में भी मिड-डे-मील का वितरण होगा।