2017 से यहां अजेय रही है भाजपा
भाजपा ने 2017 में तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य विक्रम सैनी को उम्मीदवार बनाया तो करीब 31 हजार वोटों से जीत मिली। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान की जीत में खतौली की अहम भूमिका रही। इसके बाद 2022 के मुख्य चुनाव में विक्रम सैनी 16 हजार वोटों से जीतकर दूसरी बार विधायक चुने गए थे। लेकिन विधानसभा की सदस्यता चली जाने के कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
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वहीं इस बार बसपा का उम्मीदवार मैदान में नहीं होने के कारण समीकरण उलझे हैं। विधानसभा के मुख्य चुनाव में दलितों ने बसपा से चुनाव लड़े करतार भड़ाना को वोट दिए थे, हालांकि भाजपा के पक्ष में भी दलितों के वोट गए थे।