शहर में मानवता शर्मसार हो गई। शहर में ऐसी ही एक घटना हुई है, जिसमें दो दिन की नवजात बच्ची को गर्म कंबल में लपेट कर किसी के घर के दरवाजे पर एक महिला छोड़ गई। मामला सिटी कोतवाली के खालापार की गुल्लरवाली गली का है।
बच्ची बिलख कर रोई, तब गली में भीड़ जुट गई। बच्ची किसकी है? इस पर कोई जवाब नहीं मिला। डायल 100 को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्काल नवजात को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। मासूम की हालत गंभीर है और उसे चाइल्ड केयर यूनिट में रखा गया है।
घटना बुधवार सुबह करीब पांच बजे की है। खालापार की गुल्लर वाली गली में इसरार इलाही के घर की दहलीज के बाहर अचानक एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। इसरार की पत्नी फैमिदा ने दरवाजा खोला। देखा कि दरवाजे के बाहर कंबल में लिपटी एक बच्ची बिलख रही थी।
चारों तरफ देखा, मगर कोई नजर नहीं आया। शोरशराबा हुआ और गली में भीड़ जुटने लगी। बच्ची किसकी है, कौन छोड़ गया है, किसी ने देखा है, जैसे सवाल भीड़ में उठने लगे। जवाब किसी के पास नहीं था। कोई रास्ता नहीं सूझा तो डायल 100 को इत्तला दी गई, तब तक दिन निकल चुका था।
मौके पर एसआई साधु सिंह, सिपाही नौनिहाल सिंह, जीप चालक मनीष पहुंच गए। टीम ने खालापार चौकी प्रभारी विनय शर्मा को बुला लिया। पुलिस ने तत्काल मासूम को स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय की चाइल्ड केयर यूनिट में भर्ती कराया।
बाल रोग विशेषज्ञों की टीम ने बच्ची की जान बचाने के ड्रिप्स और इंजेक्शन दिए। डॉ अनुज राजवंशी ने बताया कि बच्ची की हालत अभी गंभीर बनी है। बच्ची भूखी थी और उसमें शुगर की मात्रा भी बेहद कम थी। अगले दो दिनों में बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार होगा। बच्ची का जन्म दो दिन पहले ही हुआ है।
कार सवार महिला ने छोड़ी नवजात
मुजफ्फरनगर। सीसीटीवी कैमरे ने नवजात बच्ची को छोड़ कर जाने का राज खोल दिया है। कोतवाली सिटी प्रभारी अनिल कपरवान ने घटना की तहकीकात शुरू की तो गली में एक मकान के बाहर कैमरा लगा मिला। फुटेज देखी गई तो सच्चाई सामने आ गई।
एक कार की खिड़की से एक महिला बच्ची को इसरार इलाही के बाहर रख रही है। महिला कार में आगे की सीट पर बाईं ओर बैठी थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि कार हरियाणा के नंबर की है। पुलिस रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर कार मालिक को तलाश कर रही है, ताकि बच्ची को यहां रखने वाली महिला तक पहुंचा जा सके।
अलीगढ़ के बाल विकास विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट: सीएमओ
मुजफ्फरनगर। नवजात बच्ची के मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी रिपोर्ट अलीगढ़ के बाल विकास विभाग को दी जाएगी। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि एसएमसीयू में मासूम उपचाराधीन है। उसके जीवन की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। प्रशासन के माध्यम से बच्ची की विस्तृत रिपोर्ट बाल विकास विभाग को भेजी जाएगी।