संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में टेक्नीशियन का पद खाली होने से वेंटीलेटर शोपीस बनकर रह गए हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को भी रेफर करना पड़ रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद जिला चिकित्सालय में दो वेंटीलेटर लगाए गए थे, जिन्हें अब ऑपरेट करने वाला कोई नहीं है।
कोरोना काल के दौरान जिला चिकित्सालय पुरुष में लाखों रुपये की रकम से दो वेंटीलेटर की व्यवस्था की गई थी। जिनका इस्तेमाल कोरोना काल में तो हुआ, लेकिन उसके बाद दोनों वेंटीलेटर शोपीस बनकर रह गए है। उन्हें ऑपरेट करने वाला कोई भी टेक्नीशियन जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं है। जिला चिकित्सालय पुरुष के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि टेक्नीशियन के अभाव में ही वेंटीलेटर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इसके लिए शासन को पत्र भेजे गए है। कोरोना काल में भी अन्य जगहों से टेक्नीशियन की व्यवस्था की गई थी।
बता दें कि जिला चिकित्सालय में वेंटीलेटर को ऑपरेट करने के लिए टेक्नीशियन ना होने की वजह से रोजाना चार से पांच मरीजों को मेरठ मेडिकल के लिए रेफर करना पड़ रहा है। सड़क हादसे और अन्य परिस्थितियों वाले गंभीर मरीजों को वेंटीलेटर की सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। ऐसे में उन्हें तुरंत मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया जाता है।