बेकाबू होते संक्रमण के बीच बेपटरी हो रही व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। कोरोना मरीज को एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) लगातार फोन करते रहे, लेकिन फोन नहीं उठा। करीब पांच घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। सीएमएस ने इस पर नाराजगी जताई है।
गांधी कालोनी निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में कई दिनों से दिक्कत हो रही थी। शुक्रवार को सवेरे करीब आठ बजे परिजन उनको उपचार दिलाने के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वरिष्ठ फिजिशियन और कोरोना आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी चिकित्सक डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने उनका परीक्षण किया। एंटीजन जांच कराई गई तो वह संक्रमित निकले। उनको मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर में शिफ्ट कराने के लिए साढ़े आठ बजे एंबुलेंस की मांग की गई, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। मामला सीएमएस डॉ. पंकज अग्रवाल के पास पहुंचा तो उन्होंने फोन पर लगातार संपर्क किया, लेकिन उनका फोन ही नहीं उठाया गया। बाद में पांच घंटे के बाद इस मरीज को एंबुलेंस मिली।
छह घंटे बाद शुरू हुआ भाजपा नेता का उपचार
मुजफ्फरनगर। कोरोना से संक्रमित हुए भाजपा के जिला मंत्री सचिन सिंघल को बेगराजपुर मेडिकल में भर्ती कराया गया लेकिन उपचार तो दूर कोई उन्हें देखने तक नहीं पहुंचा। भाजपा जिलाध्यक्ष और भाजपा विधायकों के फोन करने के बाद उनका उपचार शुरू हुआ।
भाजपा के जिला मंत्री सचिन सिंघल कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित हैं और उनका घर पर ही उपचार चल रहा था। शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। तब तक उनका बुखार 104 डिग्री तक पहुंच गया था। मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के छह घंटे तक भी कोई चिकित्सक उन्हें देखने नहीं पहुंचा। इस बात का पता चलने पर जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने सीएमओ से बात की। पार्टी के कई विधायकों ने अलग-अलग डीएम से बात की। इसके बाद डॉक्टर उन्हें देखने पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने से हालात बदतर होते जा रहे हैं। सचिन सिंघल ने बताया कि वह घर से बुखार की जो गोली लाए थे यहां भी वही खाई। करीब छह घंटे तक उन्हें कोई देखने नहीं आया।